शुगर मॉमी रिश्तों पर बड़ा अध्ययन : क्यों बढ़ रहे हैं बड़ी उम्र की महिलाओं और युवा पुरुषों के संबंध?

  • प्रेम, पैसा या यौन संतुष्टि? 'शुगर मॉमी' संबंधों पर शोध में चौंकाने वाले खुलासे
  • दक्षिण अफ्रीका में 'शुगर मॉमी' संस्कृति का विस्तार: अध्ययन ने बताए इसके पीछे के असली कारण
  • बड़ी उम्र की महिलाओं और युवा पुरुषों के रिश्तों पर शोध: HIV जोखिम को लेकर भी बढ़ी चिंता

दक्षिण अफ्रीका में 135 प्रतिभागियों पर आधारित एक अध्ययन बताता है कि बड़ी उम्र की महिलाओं और युवा पुरुषों के बीच बढ़ते संबंध केवल प्रेम का मामला नहीं हैं। आर्थिक जरूरत, यौन संतुष्टि, सामाजिक दबाव और HIV संक्रमण के खतरे जैसे कई पहलू इस प्रवृत्ति से जुड़े हैं....

नई दिल्ली, 13 जून 2026. भारत में भी 'शुगर मॉमी' को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि बड़ी उम्र की महिलाओं और युवा पुरुषों के बीच बनने वाले तथाकथित 'शुगर मॉमी' संबंध केवल व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारणों का जटिल तंत्र काम करता है। 135 प्रतिभागियों पर आधारित एक गुणात्मक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसी अंतर-पीढ़ी (Intergenerational) संबंधों की प्रवृत्ति दक्षिण अफ्रीका में व्यापक है। अध्ययन के अनुसार इन संबंधों की स्वीकार्यता के पीछे प्रेम, आर्थिक अस्तित्व और सामाजिक औचित्य जैसे कारण हैं, जबकि शोधकर्ताओं ने HIV/AIDS के प्रसार पर इसके संभावित प्रभाव को भी गंभीर चिंता का विषय बताया।

  • • दक्षिण अफ्रीका में कितना प्रचलित है 'शुगर मॉमी' संबंधों का चलन?
  • • अध्ययन कैसे किया गया और किन लोगों को शामिल किया गया?
  • • लोग इन संबंधों को स्वीकार क्यों करते हैं?
  • • बड़ी उम्र की महिलाएं युवा पुरुषों के साथ संबंध क्यों बनाती हैं?
  • • युवा पुरुष 'शुगर मॉमी' संबंधों में क्यों शामिल होते हैं?
  • • क्या ऐसे संबंध HIV संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं?
  • • शोधकर्ताओं ने क्या निष्कर्ष निकाला?

"Nancy Phaswana-Mafuya, Olive Shisana, Adlai Davids, Cily Tabane, Margaret Mbelle, Gladys Matseke, Mercy Banyini, Queen Kekana" उस शोध पत्र के लेखक हैं जिसका शीर्षक है "Perceptions of sugar mommy practices in South Africa" (दक्षिण अफ्रीका में शुगर मॉमी प्रथाओं की धारणाएँ)।

यह अध्ययन “Perceptions of sugar mommy practices in South Africa” दक्षिण अफ्रीका में "शुगर मॉमी" प्रथाओं की धारणाओं का एक गुणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। 135 प्रतिभागियों के साथ 11 फोकस समूहों का उपयोग करते हुए, अध्ययन का उद्देश्य इन संबंधों की व्यापकता, स्वीकार्यता और अंतर्निहित कारणों का पता लगाना था।

अध्ययन में पाया गया कि ये प्रथाएँ दक्षिण अफ्रीका में प्रचलित हैं।

स्वीकार्यता के कथित कारणों में प्रेम, अस्तित्व और औचित्य शामिल थे।

बड़ी महिलाओं और युवा पुरुषों के बीच संबंधों के कारणों (Reasons for relationships between older women and younger men) में यौन संतुष्टि, प्रभुत्व, तनाव में कमी, भौतिक आकर्षण और युवा महसूस करना शामिल थे, जबकि युवा पुरुषों के लिए, यह भौतिक लाभ, तनाव में कमी और साथियों के प्रभाव के कारण था।

प्रस्तुत संदर्भ के आधार पर, दक्षिण अफ्रीका में "शुगर मॉमी" (sugar mommy) प्रथाओं—यानी बड़ी उम्र की महिलाओं और युवा पुरुषों के बीच यौन संबंधों—को लेकर लोगों की धारणाओं, इसके कारणों और स्वीकार्यता पर किए गए अध्ययन का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:

1. अध्ययन की पृष्ठभूमि और पद्धति

अध्ययन का उद्देश्य: इस गुणात्मक अध्ययन का उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका में शुगर मॉमी प्रथाओं की उपस्थिति, उनकी स्वीकार्यता और इन संबंधों में प्रवेश करने के पीछे बड़ी उम्र की महिलाओं और युवा पुरुषों के कथित कारणों का पता लगाना था।

प्रतिभागी: इस अध्ययन में दक्षिण अफ्रीका के सभी 9 प्रांतों के 11 विविध फोकस समूहों (Focus Groups) के कुल 135 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें से 27% महिलाएं थीं।

डेटा संग्रह और विश्लेषण: डेटा एकत्र करने के लिए फोकस समूह चर्चाओं (FGDs) का उपयोग किया गया, जिन्हें रिकॉर्ड और ट्रांसक्राइब किया गया। इसके बाद डेटा का विषयगत विश्लेषण (Thematic Analysis) किया गया।

2. शुगर मॉमी प्रथाओं की उपस्थिति (Occurrence)

अधिकांश प्रांतों और समूहों के प्रतिभागियों ने पुष्टि की कि उनके समुदायों में शुगर मॉमी प्रथाएं मौजूद हैं।

प्रतिभागियों का मानना था कि अधिकांश शुगर मॉमी साधन संपन्न महिलाएं होती हैं जो विशेष रूप से सरकारी विभागों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं।

हालांकि, कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने कहा कि उनके समुदायों में यह प्रथा नहीं होती है, क्योंकि इसे एक अपमान और स्वास्थ्य के लिए खतरा (जैसे कि किडनी की बीमारी होना या भविष्य में बच्चे पैदा न कर पाना) माना जाता है।

3. स्वीकार्यता और अस्वीकार्यता के कारण

स्वीकार्यता के कथित कारण:

प्यार की कोई उम्र नहीं होती: प्रतिभागियों का मानना था कि प्यार में उम्र की कोई सीमा नहीं होती और उम्र केवल एक संख्या है।

जीविका और आर्थिक लाभ (Survival): कुछ परिवारों या माता-पिता द्वारा इसे स्वीकार कर लिया जाता है क्योंकि इससे उनका जीवन स्तर सुधरता है। युवा पुरुष इस पैसे का उपयोग अपने परिवार की मदद के लिए करते हैं। कुछ पत्नियां भी अपने पतियों को अधिक पैसे वाली महिलाओं के पास जाने देती हैं ताकि वे पैसे बचा सकें।

समानता (Correctness): यदि बड़ी उम्र के पुरुष युवा महिलाओं (शुगर डैडी) के साथ संबंध रख सकते हैं, तो बड़ी उम्र की महिलाओं को भी युवा पुरुषों के साथ संबंध रखने का अधिकार होना चाहिए।

अस्वीकार्यता के कथित कारण :

वासना (Lust) : कुछ लोगों का मानना है कि यह संबंध केवल शारीरिक इच्छा या वासना से प्रेरित होते हैं।

वित्तीय लाभ : युवा पुरुष केवल पैसे के लिए इन संबंधों में जाते हैं। कुछ युवा पुरुष इन संबंधों में जाने से पहले अपनी अंतरात्मा की आवाज को दबाने के लिए ड्रग्स का सहारा लेते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि समाज इसे स्वीकार नहीं करता।

अनुचित सामाजिक व्यवहार : इसे नैतिक मूल्यों की कमी, आत्म-सम्मान की कमी और 'उबुंटू' (मानवतावाद) को बढ़ावा देने में विफलता के रूप में देखा जाता है।

4. बड़ी उम्र की महिलाएं युवा पुरुषों के साथ संबंध क्यों बनाती हैं? (कथित कारण)

यौन संतुष्टि (Sexual fulfilment): यह सबसे प्रमुख कारण बताया गया। प्रतिभागियों के अनुसार, उनके हमउम्र साथी या पति बीमारी (जैसे मधुमेह या उच्च रक्तचाप), कम यौन इच्छा या खराब शारीरिक प्रदर्शन के कारण यौन संतुष्टि नहीं दे पाते। इसके विपरीत, युवा पुरुष अधिक सक्रिय, ऊर्जावान, स्वस्थ और बेहतर यौन सुख देने वाले माने जाते हैं।

वर्चस्व या प्रभुत्व (Domination): शुगर मॉमी अपने संसाधनों का उपयोग युवा पुरुषों पर नियंत्रण या प्रभुत्व स्थापित करने के लिए करती हैं। युवा पुरुष लाभ खोने के डर से उनके निर्देशों का पालन करते हैं (जैसे किराने का सामान लाना, सैलून छोड़ना या बच्चों को स्कूल से लाना)।

तनाव में कमी (Reduction of stress): काम या परिवार के तनाव से बचने के लिए, या फिर ऐसे विवाह से मुक्ति पाने के लिए जहां पति धोखा देते हैं या शारीरिक/ भावनात्मक शोषण करते हैं, महिलाएं युवा पुरुषों का सहारा लेती हैं।

शारीरिक आकर्षण (Physical attraction): युवा पुरुषों की शारीरिक फिटनेस और मांसपेशियां महिलाओं को आकर्षित करती हैं, जबकि उम्र बढ़ने के साथ उनके हमउम्र पुरुष बेडौल हो जाते हैं।

संतानोत्पत्ति (Procreation): कुछ महिलाएं गर्भवती होने और बच्चा पैदा करने के लिए भी युवा पुरुषों के साथ संबंध बनाती हैं।

आत्म-नियंत्रण की कमी: शराब के प्रभाव में आत्म-नियंत्रण खो देना भी एक कारण बताया गया।

युवा होने का अहसास (Youthful feeling): युवा पुरुषों के साथ रहने से महिलाएं खुद को फिर से युवा और वांछित महसूस करती हैं।

प्रवासन (Migrancy): जब पति काम के सिलसिले में घर से दूर (जैसे गौतेंग प्रांत में) रहते हैं, तो महिलाएं हमउम्र पुरुषों के बजाय युवा पुरुषों को यौन विकल्प के रूप में चुनती हैं।

हमउम्र साथी मिलने में कठिनाई: हमउम्र पुरुषों द्वारा खारिज किए जाने या उनके उपलब्ध न होने के कारण महिलाएं युवा पुरुषों की ओर रुख करती हैं।

युवा पुरुषों का कम मांगना होना: युवा पुरुष बड़ी उम्र के पुरुषों की तुलना में कम मांग वाले होते हैं और जो कुछ भी उन्हें दिया जाता है, उसी में संतुष्ट हो जाते हैं।

5. युवा पुरुष बड़ी उम्र की महिलाओं के साथ संबंध क्यों बनाते हैं? (कथित कारण)

भौतिक या आर्थिक लाभ (Material gain): युवा पुरुष अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए शुगर मॉमी को "एटीएम" (ATM) की तरह इस्तेमाल करते हैं। शुगर मॉमी उन्हें महंगे कपड़े, कार, मोबाइल फोन, पॉकेट मनी और क्रेडिट कार्ड देती हैं।

तनाव में कमी: युवा पुरुषों का मानना है कि उनकी उम्र की लड़कियां उन्हें बहुत तनाव देती हैं, जबकि बड़ी उम्र की महिलाएं अधिक परिपक्व, अनुभवी और समझदार होती हैं जो उन्हें प्यार और सम्मान देती हैं।

प्रलोभन (Being enticed): बड़ी उम्र की महिलाओं द्वारा छोटे कपड़े पहनना या उन्हें घर पर किसी बहाने (जैसे रेडियो ठीक करने) बुलाकर आकर्षित करना।

हमउम्र लड़कियों द्वारा अस्वीकार किया जाना: अपनी उम्र की लड़कियों द्वारा खारिज किए जाने पर वे बड़ी उम्र की महिलाओं की ओर जाते हैं।

साथियों का प्रभाव (Peer influence): अपने दोस्तों को शुगर मॉमी से मिले पैसों और महंगी चीजों के साथ देखकर अन्य युवा पुरुष भी इस जीवनशैली की ओर आकर्षित होते हैं।

पवित्रता का विश्वास (Belief that older women are purer): युवा पुरुषों में यह धारणा है कि बड़ी उम्र की महिलाएं "बच्चे की तरह साफ" होती हैं और उनके साथ रहने से कोई बीमारी (यौन संचारित रोग) नहीं होगी क्योंकि उनके कई यौन साथी नहीं होते।

निष्कर्ष और चिंताएं

दक्षिण अफ्रीका में शुगर मॉमी प्रथाएं तेजी से आम और स्वीकार्य हो रही हैं। हालांकि, एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) के दौर में यह प्रथा गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है। चूंकि महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक शक्तिशाली होती हैं, इसलिए युवा पुरुषों के लिए सुरक्षित यौन संबंध (जैसे कंडोम का उपयोग) के लिए बातचीत करना कठिन होता है। इसके अलावा, ये युवा पुरुष अपनी हमउम्र लड़कियों के साथ भी संबंध रख सकते हैं, जिससे युवा आबादी में एचआईवी फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए, इस प्रथा के पीछे की धारणाओं को समझकर सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक हस्तक्षेप कार्यक्रम विकसित करना आवश्यक है।

दक्षिण अफ्रीका में किए गए इस अध्ययन से स्पष्ट होता है कि 'शुगर मॉमी' संबंधों को केवल व्यक्तिगत आकर्षण या प्रेम के आधार पर नहीं समझा जा सकता। इनके पीछे आर्थिक असमानता, सामाजिक परिस्थितियां, भावनात्मक जरूरतें, यौन संतुष्टि और शक्ति-संतुलन जैसे कई कारक एक साथ काम करते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसी अंतर-पीढ़ी संबंधों की बढ़ती प्रवृत्ति जन-स्वास्थ्य, विशेषकर HIV/AIDS की रोकथाम के संदर्भ में नई चुनौतियां पैदा कर सकती है। इसलिए केवल नैतिक बहस के बजाय सामाजिक जागरूकता, लैंगिक समानता और वैज्ञानिक स्वास्थ्य शिक्षा पर आधारित हस्तक्षेप कार्यक्रम विकसित करना आवश्यक है।