बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपना ध्यान कैसे रखें? WHO ने जारी किए नए स्व-सहायता दिशानिर्देश
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए नई गाइड जारी की है। जानिए डिप्रेशन, चिंता और तनाव से निपटने के स्व-सहायता उपाय

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मानसिक स्वास्थ्य संकट से कैसे निपटें? WHO की नई गाइड में बताए गए आसान उपाय
- डिप्रेशन और चिंता से राहत के लिए WHO की नई सलाह, जानिए क्या करें
- एक अरब लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, WHO ने सुझाए स्व-सहायता के प्रभावी तरीके
- मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के बीच WHO की नई गाइड, जानिए कैसे मिलेगी मदद
दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उपचार की सीमित उपलब्धता के बीच WHO ने नई गाइड जारी कर डिप्रेशन, चिंता और तनाव से निपटने के लिए सरल और साक्ष्य-आधारित स्व-सहायता उपाय सुझाए हैं। जानिए ये तरीके कैसे काम करते हैं और किसे इनका लाभ मिल सकता है। पढ़िए संयुक्त राष्ट्र समाचार की यह खबर...
बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अपना ध्यान कैसे रखें? WHO के नए दिशानिर्देश
1 जून 2026 स्वास्थ्य
विश्व भर में, एक अरब से अधिक लोग किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या के साथ अपना जीवन जी रहे हैं, लेकिन इनमें से अनेक लोगों को अक्सर प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं हो पाता है. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने देशों की सरकारों और संगठनों को मनोवैज्ञानिक स्व-सहायता (self-help) उपायों में समर्थन देने के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है, ताकि अधिक संख्या में लोगों को साक्ष्य-आधारित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल हासिल हो सके.
WHO की मार्गदर्शिका में ऐसे कार्यक्रमों को तैयार करने, स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार ढालने और लागू करने के सरल तौर-तरीके़ बताए गए हैं, जिन्हें प्रशिक्षित गै़र-विशेषज्ञों की मदद से या उनके बिना भी संचालित किया जा सकता है.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, मनोवैज्ञानिक स्व-सहायता कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की कमी को दूर करने का एक अहम तरीक़ा हैं. इनमें ऐसी सरल तकनीकें भी हैं जिनका लोग स्वयं इस्तेमाल कर सकते हैं और जिन्हें समुदायों या दूरस्थ माध्यमों से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचाया जा सकता है.
असरदार तकनीक
WHO की नई गाइड में दो ऐसे मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में बताया गया है जिन्हें पहले कई देशों में परीक्षण के दौरान असरदार पाया गया है. इनके तहत, लोगों को 5 सप्ताहों तक हर सप्ताह लगभग 15 मिनट का छोटे स्तर पर सहयोग दिया जाता है, जो प्रशिक्षित सहायकों द्वारा किया जाता है.
इनमें एक है 'क़दम दर क़दम' (step-by-step), जोकि अवसाद या डिप्रेशन से जूझ रहे वयस्कों के लिए एक डिजिटल मदद है. दूसरा उपाय तनाव में कमी लाने के लिए ऐसे व्यावहारिक तौर-तरीक़ों को अपनाना है, जिन्हें अकेले या ऑडियो अभ्यास के ज़रिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है.
इनका इस्तेमाल पहले से लेबनान और थाईलैंड की स्वास्थ्य सेवाओं में किया जा रहा है, जिससे यह साबित होता है कि कम संसाधनों में भी इन्हें बड़े स्तर पर लोगों तक पहुँचाया जा सकता है.
यह नई गाइड WHO के उन प्रयासों का हिस्सा है जिनका लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को आसानी से मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना है.
स्व-सहायता के तरीक़े...
साक्ष्य बताते हैं कि ये तरीके़, अवसाद और चिन्ता के मामलों में विशेष रूप से असरदार हैं और इन्हें पहले ही WHO के कई दिशानिर्देशों में मानसिक स्वास्थ्य और सम्बन्धित स्थितियों के लिए सुझाया जा चुका है. यह नई गाइड WHO और साझीदार संगठनों द्वारा कई देशों में किए गए अनुभवों और काम पर आधारित है.
इनकी विशेषता यह है कि ये कम संसाधनों में और संकट से प्रभावित क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोगों तक आसानी से पहुँच सकते हैं.
यह दिशानिर्देश उन लोगों के लिए है जो स्वास्थ्य, मानवीय सहायता और समुदाय स्तर पर काम करते हैं, जैसे कार्यक्रम प्रबन्धक, कार्यान्वयनकर्ता, पर्यवेक्षक और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कार्यकर्ता.
इसमें यह बताया गया है कि बिना मार्गदर्शन (unguided) और मार्गदर्शित (guided), दोनों तरह के स्व-सहायता मॉडल कैसे शुरू किए जा सकते हैं.
यह गाइड यह भी समझाती है कि स्व-सहायता तरीक़ो को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक कार्यक्रमों और डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म में कैसे जोड़ा जा सकता है, ताकि ज़्यादा लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य सहायता आसानी से पहुँच सके.


