जीशान अख्तर 'आज़ाद'
देश की किस यूनिवर्सिटी से कितने यूज्ड कंडोम मिलते हैं, भारत सरकार के नुमाइंदे अब ये भी गिन रहे हैं. राजस्थान के अलवर के भाजपा विधायक ज्ञान देव सिंह ने कहा है कि जेएनयू में रोज 3 हज़ार कंडोम मिलते हैं. उन्होंने ये भी बताया है कि जेएनयू से हर रोज 50 हज़ार हड्डी के टुकड़े, गर्भपात के लिए इस्तेमाल होने वाले 500 इंजेक्शन मिलते हैं. नेता जी ये भी बताते हैं कि कैम्पस में 10 हज़ार सिगरेट के बचे टुकड़े मिलते हैं.
नेता जी ने यह खुद जाकर पता लगाया है या फिर ख़ुफ़िया तंत्र से पता कराया है, यह रहस्य बना हुआ है. कंडोम पर आकर गिरे नेता जी का कंडोम, गर्भपात के इंजेक्शन के बारे में सामान्य ज्ञान तो बेहद अच्छा है. वह यह भी बताएं कि देश में एक दिन कितने किसान आत्महत्या करते हैं. महाराष्ट्र, राजस्थान, बुंदेलखंड सहित अन्य जगहों पर कितने किसान हर रोज दम तोड़ रहे हैं. रोज का आंकडा थोड़ा मुश्किल हो जाता है. अच्छा, सिर्फ मोटा-मोटा आंकड़ा बता दीजिये कि साल भर कितने किसान मरते हैं. या फिर सिर्फ इतना बताएं कि देश में 10 साल में कितने किसानों की मौतें हुईं. आप तो राजस्थान से हैं, सिर्फ वहीँ का हाल बताइये. इस बार वहाँ कितने किसानों ने आत्महत्या की.
जाने दीजिये, आपको शायद पता न हो. कंडोम गिनने से फुर्सत नहीं मिली होगी. बुंदेलखंड आइये. यहाँ कंडोम के साथ किसानों की समस्याओं और मौतों को गिन लीजिये. इस समय औसतन 2 किसान नियमित मर रहे हैं. बुंदेलखंड में पिछले 6 साल में 3 हज़ार से अधिक मर चुके हैं. देश में 1995 से लेकर अब तक 3 लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं.
माना कि बुंदेलखंड में रोज मरने मरने वाले किसानों की यह संख्या रोज मिलने वाले कंडोम जितनी नहीं है, लेकिन संख्या तो है ही. जब कंडोम की संख्या बता दी है, तो अब शर्माना कैसा. आपको किसान की मौतों के आंकड़े भी जनता और देश के प्रधानमन्त्री जी को बता ही देने चाहिए. सरकार की नाक नहीं कटेगी. आप सरकार और आपकी नाक सरकारी जो हो गयी है. कुछ महसूस नहीं होगा.
नेता जी द्वारा बताये इस अभूतपूर्व-रिकॉर्ड आंकड़ों के हिसाब से मैंने भी कुछ गुणा भाग किया है. नेता जी द्वारा बतायी गयी संख्या के हिसाब से JNU में हर माह 90 हज़ार कंडोम बटोरे जाते होंगे. इस हिसाब से पूरे साल में यह संख्या 10 लाख पार कर जायेगी. आश्चर्य होगा, लेकिन कंडोम का हिसाब तो हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये दिए जाने के वादे के आसपास पहुंच गया. अगर नेता जी दूसरी यूनिवर्सिटीज में कंडोम का भी पता लगा लें तो संख्या विदेशों में जमा काले धन को भी पार कर सकती है.

चलिए अच्छा है. काला धन न सही, सरकार ने कम से कम कंडोम तो बटोर ही लिए. यह उपलब्धि भी कम बड़ी नहीं.

भक्त, राष्ट्र भक्त से होते हुए नेता जी काफी अन्दर तक घुस गये. विपक्षी दलों और लोकतंत्र में मिले अहम् अधिकार के तहत आवाज़ उठाने वालों, आलोचना करने वालों की पहचान अब तक राष्ट्र द्रोही के रूप में की जा रही थी, लेकिन अब नेताओं ने ये तरीका भी निकाल लिया है. राष्ट्र प्रेम इससे भी तय होगा कि कहाँ और किस यूनिवर्सिटी, किसके घर के बाहर कितने यूज्ड कंडोम मिलते हैं. ज्यादा कंडोम मिले तो ज्यादा बड़ा देशद्रोही. देशप्रेम का खुलासा करने को अब नेता जी अब कंडोम बीनेंगे या बीनने लगे हैं.

भाजपा विधायक पर स्वच्छता अभियान और राष्ट्रप्रेम का गहरा असर है.
सुना है राजस्थान में जाजोर के पहाड़ में अधिग्रहित जमीन की रखवाली का ठेका भी इन्हीं कंडोम गिनने वाले नेता जी के पास है. ये भी बताते हैं कि वहां आपके गुंडे 70 साल के बूढ़े चरवाहों को पीटते हैं। आप मुसलमानों को आतंकी संगठनों का एजेंट और देशद्रोही भी घोषित कर चुके हैं। चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव के हालात पैदा करने में विशेष महारत भी आपको हासिल है. ज्यादा क्या ही कहा जाए. हरी अनंत हरी कथा अनंता...