#KarnatakaRejectsBJP भारत सांप्रदायिक बीजेपी से तंग आ गया है!
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Karnataka Legislative Assembly election, 2018
नई दिल्ली, 07 नवंबर। कर्नाटक में सत्तारूढ़ जनता दल (सेकुलर)-कांग्रेस गठबंधन ने राज्य में लोकसभा और विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 4-1 से करारी शिकस्त दी। भाजपा सिर्फ शिमोगा संसदीय सीट जीतने में सफल रही। दक्षिणी राज्य में 12 मई को हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन की छह महीने के अंदर यह शानदार जीत है।
चार सीटों पर जीत से खुश मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने विपक्षी पार्टियों से अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होने की अपील की और कहा कि लोग अब राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत विकल्प चाहते हैं।
जद (एस) और कांग्रेस ने मांड्या और बेल्लारी (आरक्षित) लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की और इसके साथ ही गठबंधन ने रामनगरम व जामखंडी विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है।
कांग्रेस ने भाजपा के गढ़ बेल्लारी (आरक्षित) लोकसभा सीट पर शानदार जीत दर्ज की है। पार्टी के उम्मीदवार वी.एस. उगरप्पा ने यहां भाजपा की जे. शांता को 2,43,161 मतों से हराया।
उगरप्पा को यहां 6,28,365 मत मिले। उनकी प्रतिद्वंद्वी शांता को 3,85,204 मत मिले। शांता भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु की बहन हैं। श्रीरामुलु विवादस्पद रेड्डी बंधुओं के करीबी सहयोगी हैं।
बेल्लारी संसदीय सीट श्रीरामुलु के इस्तीफा देने की वजह से खाली हुई थी। उन्होंने मई में विधानसभा सीट मोलाकालमुरु (आरक्षित) से चुनाव लड़ने के लिए यह सीट छोड़ी थी। पिछले कई चुनावों में इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा, इसलिए इसे भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है।
बेल्लारी संसदीय सीट उस समय चर्चा में आई थी, जब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वर्ष 1999 के मध्यावधि लोकसभा चुनाव में भाजपा की सुषमा स्वराज को हराया था।
सोनिया ने हालांकि उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट को बरकरार रखने के लिए कुछ ही हफ्तों में इस सीट से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने दोनों संसदीय क्षेत्रों से जीत दर्ज की थी।
भाजपा ने यहां शांता की जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोड़ लगा दिया था। इस सीट पर 2009-14 के बीच भाजपा का कब्जा रहा है।
जद (एस) के मजबूत गढ़ मांड्या लोकसभा सीट पर इसके उम्मीदवार शिवराम गौड़ा ने भाजपा के सिद्धारमैया गौड़ा को 3,24,943 के भारी मतों के अंतर से हराया। शिवराम को 5,69,347 और सिद्धारमैया को 2,44,404 मत मिले।
इस सीट को जद (एस) के सी. पुत्ताराजु ने छोड़ दिया था, जिसके बाद यहां चुनाव कराया गया। पुत्ताराजु को 12 मई को हुए चुनाव में मांड्या जिले की मेलुकोट विधानसभा सीट से चुना गया था।
भाजपा हालांकि शिमोगा लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करने में सफल रही। यहां पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा के पुत्र बी.वाई. राघवेंद्र ने जद (एस) के उम्मीदवार मधु बंगारप्पा को 52,148 मतों से हराया। राघवेंद्र को 5,43,306 मत मिले, जबकि मधु को 4,91,158 मत मिले।
येदियुरप्पा ने जून में विधानसभा चुनाव में शिकारीपुर सीट पर जीत के बाद शिमोगा सीट खाली की थी।
विधानसभा की दो सीट के लिए हुए उपचुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की।
गठबंधन ने यहां रामनगरम की प्रतिष्ठित विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है, जहां मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की पत्नी अनिता ने जद (एस) के टिकट पर 1,09,137 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। 55 वर्षीय अनिता कुमारस्वामी ने भाजपा के एल.चंद्रशेखर को हराया।
जामखंडी विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार आनंद सिद्दू न्यामागौड़ा ने भाजपा उम्मीदवार श्रीकांत कुलकर्णी को 39,480 मतों से हराया।
इस जीत के बाद, 224 सदस्यीय विधानसभा में अब सत्तारूढ़ गठबंधन के कुल 120 सदस्य हो गए हैं।
इन नतीजों के बाद, कांग्रेस और जद (एस) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बेंगलुरू के साथ-साथ रामनगरम और जामखंडी जिले के पार्टी कार्यालय में खुशियां मनाईं।
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि पांच में चार उपचुनावों में भाजपा को बाहरकर कर्नाटक के लोगों ने स्पष्ट रूप से देश को एक संदेश दिया कि वे यह सांप्रदायिक प्रथाओं के आधार पर राजनीति की अनुमति नहीं देंगे।
कांग्रेस ने कहा,
“कांग्रेस + की जीत का मार्जिन
बेल्लारी लोकसभा: 1,98,307 वोट
मंड्या लोकसभा: 3,50,00+ वोट
रामानगर विधानसभा: 1,00,246 वोट
जमाखंडी विधानसभा: 39,476 वोट
भारत सांप्रदायिक बीजेपी से तंग आ गया है!
धर्मनिरपेक्षता के लिए यह एक बड़ी जीत है। #KarnatakaRejectsBJP”
By voting out BJP in 4 of 5 By-Polls, People of Karnataka have clearly sent a message to the nation that it won't allow politics based on communal practices. #KarnatakaRejectsBJP pic.twitter.com/wTyWcs3bUx
— IYC Karnataka (@IYCKarnataka) November 6, 2018
इन उपचुनावों में 54.5 लाख मतदाताओं में से करीब 66 फीसदी ने मतदान किया था।
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