अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस एक मज़ाक भर ही है : जस्टिस काटजू
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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस एक मज़ाक भर ही है : जस्टिस काटजू

यह तथ्य बना हुआ है कि हर जगह अधिकांश लोग गरीब हैं। जब तक इस स्थिति का समाधान नहीं किया जाता, मानवाधिकारों का जश्न मनाना एक तमाशा और गरीबों का क्रूर...

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