समाचार - Page 600
कुछ भी करो, हमारे इंसानियत, वतन बचाने की कोई जुगत करो... मेरा मुल्क मजहब से बड़ा है
कुछ भी करो, हमारे इंसानियत, वतन बचाने की कोई जुगत करो... मेरा मुल्क मजहब से बड़ा है
उसी मुहब्बत की खातिर नफरत की आंधियों के मुकाबले में हूं, चाहे कोई मेरा सर कलम कर दे
उसी मुहब्बत की खातिर नफरत की आंधियों के मुकाबले में हूं, चाहे कोई मेरा सर कलम कर दे








