पूर्व सैनिकों ने पूछा - सरकार में शामिल लोग कब तक झूठ बोलकर भ्रम फैलाते रहेंगे
नई दिल्ली, 13 दिसंबर। देशभर के पूर्व सैनिकों ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में जुटकर 'वन रैंक वन पेंशन' ( OROP ) मुद्दे पर जारी अधिसूचना के खिलाफ 'आक्रोश रैली' निकाली।
जंतर-मंतर पर 183 दिनों तक धरना-प्रदर्शन करने वाले पूर्व सैनिकों का दावा है कि सरकार ने ओआरओपी पर जो घोषणा की है, वह उस मूल स्वरूप से अलग है, जिस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई थी। यह उनके साथ धोखाधड़ी है।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु में प्रकाशित समाचार के अनुसार पूर्व सैनिकों के प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले मेजर जनरल सतबीर सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा, "कोई मांग नहीं है..संसद ने जिस ओआरओपी OROP योजना को मंजूरी दी थी और जिसे अधिसूचित किया गया, वे अलग हैं।"
उन्होंने कहा, "सात प्रमुख गलतियां हैं। वे (सरकार) राष्ट्र को बता रहे हैं कि उन्होंने ओआरओपी दिया, पर वास्तव में उन्होंने इस मामले को निपटाया भर है।"
सिंह ने केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली की उनके इस बयान के लिए भी आलोचना की कि बहुत से पूर्व सैनिक सरकार द्वारा अधिसूचित ओआरओपी योजना से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, "हम जेटली के ऐसा कहने से दुखी हैं कि अधिकांश पूर्व सैनिक योजना से सहमत हैं..यह झूठ है..सरकार में शामिल लोग कब तक झूठ बोलकर भ्रम फैलाते रहेंगे..देखिए यहां कितनी ज्यादा संख्या में पूर्व सैनिक पहुंचे हैं।"