You Searched For "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता"
उन्हें राष्ट्र नहीं चाहिए, मुक्त बाजार चाहिए, इससे जियादा बेशर्म रष्ट्रद्रोह कोई दूसरा नहीं
स्वतंत्र नागरिक एटम बम होता है। जो गांधी थे। अंबेडकर थे और नेताजी भी थे। गंगा उलटी भी बहती है और पलटकर मार करती है जैसे राम है तो राम नाम सत्य भी है।
प्रेमचंद हिंदी साहित्य के हार्डवेयर हैं, तो भीष्म साहनी हिंदी साहित्य के सॉफ्टवेयर !
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