आज 18 दिसंबर 2025 का अंतरराष्ट्रीय समाचार बुलेटिन।

  • अमेरिकी सेना की गोली, पुतिन की चेतावनी और बांग्लादेश में भारत के खिलाफ उबाल
  • अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से यूक्रेन वार्ता तक: आज क्यों बदल रही है वैश्विक राजनीति
  • समुद्र में अमेरिकी हमला, यूक्रेन में शांति या जंग? बांग्लादेश से ओमान तक हिलती दुनिया
  • शांति की कोशिशें, युद्ध की धमकियां और कूटनीतिक टकराव: आज की बदलती दुनिया की कहानी

आज का अंतरराष्ट्रीय समाचार बुलेटिन दुनिया के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों, युद्ध और शांति की जद्दोजहद, कूटनीतिक टकराव और वैश्विक सत्ता संघर्ष की उन कहानियों से भरा है, जो आने वाले वक्त की दिशा तय कर सकती हैं।

पहले एक नज़र हेडलाइंस पर

  • तीन देशों की यात्रा के बाद स्वदेश रवाना हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक ने पीएम मोदी को किया ऑर्डर ऑफ ओमान से सम्मानित
  • भारत-ओमान के बीच समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) संपन्न
  • रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति प्रयास तेज, मियामी में रूस-अमेरिका-यूक्रेन की अहम बैठकें... ठोस हल नहीं निकलने पर पुतिन की चेतावनी – सैन्य कार्रवाई ही है एकमात्र रास्ता
  • बांग्लादेश में भारतीय मिशन पर बढ़ता खतरा.. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में असिस्टेंट हाई कमीशन की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी.. भारत ने बांग्लादेश के राजनयिक को किया तलब
  • प्रशांत महासागर में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई.. संदिग्ध ड्रग तस्कर जहाज पर हमला, चार की गई जान.. अमेरिकी अभियानों में अब तक मारे गए 99 कथित तस्कर
  • ताइवान को अमेरिका के हथियारों की बड़ी खेप, अरबों डॉलर के सौदे पर चीन का कड़ा ऐतराज..

अब खबरें विस्तार से …

प्रधानमंत्री मोदी को ओमान का सर्वोच्च सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओमान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ ओमान से नवाजा गया है। मस्कट में ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक ने स्वयं यह सम्मान प्रदान किया।

यह वही सम्मान है जो इससे पहले नेल्सन मंडेला, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला जैसी वैश्विक हस्तियों को मिल चुका है।

इस अवसर पर भारत और ओमान के रिश्तों को नई ऊंचाई देते हुए समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते से ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रोजगार और समुद्री सहयोग के क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई गई है।

सरकार का दावा है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल सम्मान तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत की खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक पकड़ को और मजबूत करने का संदेश भी देती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध : शांति या लंबी जंग?

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर शांति की कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन जमीन पर हालात अब भी उतने ही सख्त हैं।

बर्लिन बैठकों के बाद अब अमेरिका के मियामी में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच अलग-अलग स्तर पर मैराथॉन बैठकों की तैयारी है।

एक तरफ यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की किसी भी तरह की रियायत देने को तैयार नहीं है, तो दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने कब्जे वाले इलाकों को “ऐतिहासिक रूसी भूमि” बताकर पीछे हटने से इनकार कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं दे सकी है।

व्हाइट हाउस के मुताबिक, अमेरिकी और रूसी अधिकारी सप्ताहांत में ट्रंप की नई शांति योजना पर चर्चा करेंगे।

संभावना जताई जा रही है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्टीव विटकॉफ और जेरड कुशनर करें, जबकि रूसी पक्ष से किरिल दिमित्रिएव आगे रह सकते हैं।

उधर जेलेंस्की का साफ कहना है कि रूस अगले साल तक युद्ध खींचने की तैयारी में है।

वहीं पुतिन की चेतावनी और भी सख्त है—

पुतिन ने साफ कहा है कि “अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो सैन्य कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता बचेगा।”

फिलहाल रूस यूक्रेन के करीब 19 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा जमाए बैठा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय मान्यता देने को तैयार नहीं।

बांग्लादेश में भारतीय मिशन पर संकट

बांग्लादेश में हालात तेजी से चिंताजनक होते जा रहे हैं। ढाका और राजशाही में भारतीय मिशन को निशाना बनाने की कोशिशों ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है।

बांग्लादेश में भारतीय मिशन में काम करने वाले कर्मचारियों पर सुरक्षा खतरा बढ़ गया है। इस बीच गुरुवार को राजशाही और खुलना में भारतीय वीजा सेंटर को बंद कर दिया गया है।

राजशाही में सैकड़ों प्रदर्शनकारी भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन की ओर बढ़े। पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी गई, हालात बेकाबू हुए और मिशन की सुरक्षा पर सीधे सवाल खड़े हो गए।

इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारत ने नई दिल्ली में बांग्लादेश के राजनयिक को तलब किया और स्पष्ट शब्दों में सुरक्षा चिंता दर्ज कराई।

प्रशांत महासागर में अमेरिकी सेना का हमला

प्रशांत महासागर में अमेरिकी सेना ने कथित ड्रग तस्करी में शामिल एक जहाज पर बड़ा हमला किया। इस कार्रवाई में कम से कम चार लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है।

अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में अब तक कुल 99 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।

इसी बीच अमेरिका के भीतर भी सियासी घमासान तेज हो गया है। डेमोक्रेट सांसदों ने वेनेजुएला के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन रिपब्लिकन सांसदों ने इसे खारिज कर दिया।

वेनेजुएला पर बहस अमेरिका के भीतर एक बड़े टकराव की आहट मानी जा रही है।

ताइवान को हथियार, चीन नाराज़

अमेरिका ने ताइवान को अरबों डॉलर के हथियार बेचने का ऐलान कर दिया है। इस पैकेज में मध्यम दूरी की मिसाइलें, हॉवित्जर तोपें और ड्रोन शामिल हैं। चीन ने अमेरिका के इस कदम पर कड़ा ऐतराज जताया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है।

अन्य अंतरराष्ट्रीय खबरें

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने यहूदी विरोधी हमलों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही है। एंथनी अल्बानीज़ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी भावना के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे संगठनों को सूचीबद्ध करने का प्रयास कर रही है जिनके नेता नफरत फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

ब्राजील में पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो की सजा कम करने वाला बिल सीनेट से पास... ब्राजील की संसद ने ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति धुर दक्षिणपंथी जेयर बोल्सोनारो की जेल की सजा कम करने वाला एक बिल पास किया है, जिन्हें वामपंथी लुइज इनासियो लूला सिल्वा से चुनाव हारने के बाद तख्ता पलट की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था। पिछले हफ्ते निचले सदन से पास हुआ यह बिल अब लूला के पास जाएगा, जिनका संभावित वीटो आखिरकार कांग्रेस द्वारा रद्द किया जा सकता है।

सूडान में ड्रोन हमले से बिजली संयंत्र ध्वस्त, राजधानी खारतूम अंधेरे में...

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, आरएसएफ हमलों में सूडान में हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

तो ये थीं आज की बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबरें।

दुनिया एक बार फिर उसी मोड़ पर खड़ी दिखती है, जहां कूटनीति, सैन्य ताकत और राजनीतिक जिद—तीनों की अग्निपरीक्षा हो रही है।

इजाज़त दीजिए, फिर मुलाकात होगी अगले बुलेटिन में।