शम्शाद इलाही शम्स

अखलाक के घर वालों का नाम वोटर लिस्ट से कटवाने वाली यादव छाप समाजवादी कबीलाई सरकार मुसलमानों के वोट मांग रही है.. वाह क्या हकीकत है इन छद्म संघि बहरूपियों की..लानत इन्हें वोट देने वालों पर..

जिस साईकिल के पैडल मारने वाले की हकीकत इतनी साफ हो तब हाथी पर ही भरोसा करना बेहतर होगा. भाड़ में जाए उसका भ्रष्ट महावत, नीचे से बदलाव की शक्तियों में दम होगा तो महावत को भी हाथी के पाँव तले रौंदा जा सकता है।

जहां लाल न हो तो नीला ही लपको.. हाथी बिदका तो हलकारे के लिये तैयार रहें.. छिपे दुश्मन से खुला दुश्मन लाख गुना बेहतर. वोट खराब न करें.. नोटा का भारत जैसे कबीलाई लोकतंत्र में कोई मायने नहीं।