अखिलेश सरकार ने जमीन छीनी, नहीं दिया किसानों को मुआवजा, किसानों को गुंडा बना दिया
अखिलेश सरकार ने जमीन छीनी, नहीं दिया किसानों को मुआवजा, किसानों को गुंडा बना दिया
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने नेवली पॉवर प्लांट के द्वारा बिना मुआवजा दिए, घामतपुर में नेवली पॉवर प्लांट के द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन के खिलाफ उचित मुआवजे के सवाल पर जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट। गिरीफ़्तार किसानों ने नेताओं को तत्काल रिहा करने सरकार का अनुरोध किया।
1 फरवरी 2017 को पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने घामतपुर में नेवली पॉवर प्लांट के द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन के खिलाफ उचित मुआवजे के सवाल पर आंदोलित किसानों का समर्थन किया है।
पीयूसीएल के जाहिर दाल में शामिल नेताओं ने कहा कि सरकार तत्काल किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराए। अधिग्रहण की गई जमीन का पूर्व सर्किल रेट से जिन किसानों ने मुआवजा लिया है और जो किसान अभी बाकी हैं उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए।
पीयूसीएल का कानपुर एकाई के अध्यक्ष विजया चावल ने कहा कि यहां से हुई गिरीफ़्तारीं मुख्यमंत्रियों के इशारे पर हुई हैं। किसान नेता निरंजन सिंह राजपूत व विशाखा राजपूत को अविलंब रिहा किया जाए व गांव के तमाम किसानों पर जो FIR मुकदमे लगाए गए हैं उन्हें तत्काल वापिस लिया जाए।
जांच दल में शामिल रही मंच के शरद जायसवाल और राजीव यादव ने कहा कि जिन किसानों की श्रमिक पावर प्लांट में गई है, उन किसानों की भूमि का पूर्व सर्किल रेट में गई है, उनके किसानों की राशि का मुआवजा दिया जाए।
जांच दल में शामिल रही रहनुमा वीणा ने कहा कि यह प्रकरण बड़ी गिनती में गिरीफ़्तारीयों का गवाह है और इसके खिलाफ जो मुआवजा वपस लिया गया है उन्हें तत्काल वापस किया जाए।
भू-मिहीन व मजदूर किसानों को पुनर्वास के तहत मुआवजा व योग्यता अनुसार नौकरी दी जाए।


