If Godse was a Muslim?

भारत की जनता ने दंगे को ठुकरा दिया। गुजरात में जो कुछ हुआ, वह दंगा नहीं, एक सरकार व पार्टी द्वारा प्रायोजित नरसंहार था।

उज्ज्वल भट्टाचार्या

गांधी का हत्यारा (Gandhi's killer) मुसलमान भी हो सकता था। हिन्दू और मुस्लिम संप्रदायवादी उस नासमझ, भोले फ़कीर के जानलेवा दुश्मन थे। नासमझ, क्योंकि वह भारत के विभाजन को मानने के लिये तैयार नहीं था, ज़मीनी हक़ीक़त को नकारते हुये अपने सिद्धान्तों पर टिका हुआ था।

गांधी को मारने वाले का धर्म क्या है ? What is the religion of the person who killed Gandhi?

सुना है कि गांधी की हत्या की ख़बर (News of Gandhi's assassination) मिलने के बाद सबसे पहले यह पता करने की कोशिश की गयी कि मारने वाले का धर्म क्या है ? अगर वह मुसलमान होता तो सारे देश में ख़ून की नदियाँ बहा दी जातीं और गांधी को हिन्दुत्व का शहीद घोषित कर दिया जाता। भारत टुकड़ों-टुकड़ों में बँट जाता। बाद में जब पता चला, रेडियो पर एक पंक्ति की घोषणा की गयी - राष्ट्र के पिता महात्मा गांधी की हत्या कर दी गयी है, हत्यारे का नाम नाथुराम गोडसे है।

देश को बचाने के लिये, सांप्रदायिकता के दानव से लड़ने के लिये दधीची ने अपनी हड्डियाँ दे दीं।

गोधरा हत्याकांड के दिन मैं नोएडा में एक पत्रकार मित्र के साथ था। मेरे मित्र कभी जेएनयू में वामपंथी छात्र राजनीति करते थे, धर्मनिरपेक्ष वस्तुपरक पत्रकार के रूप में उनकी ख्याति है। वह तैश में थे, कह रहे थे, यही तो तुम सेकुलर लोगों की समस्या है। इस घटना पर तुम लोग ख़ामोश हो।

मैंने उससे कहा था - ख़ामोश नहीं, बेहद चिन्तित हूँ। बहुसंख्यक समुदाय की सांप्रदायिक प्रतिक्रिया हमेशा हर समाज में भयानक रूप से सामने आती है।

मुझे लग रहा था कि अब सारे देश में व्यापक दंगे होंगे। ऐसा नहीं हुआ। लेकिन गुजरात में जो कुछ हुआ, उसकी उम्मीद मुझे नहीं थी।

जब गोधरा के बारे में सोचता हूँ, मृतकों के लिये गहरे दुख के साथ-साथ यह भी सोचता हूँ -

भारत की जनता ने दंगे को ठुकरा दिया। गुजरात में जो कुछ हुआ, वह दंगा नहीं, एक सरकार व पार्टी द्वारा प्रायोजित नरसंहार था।

उज्ज्वल भट्टाचार्या, लेखक वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक चिंतक हैं, उन्होंने लंबा समय रेडियो बर्लिन एवं डायचे वैले में गुजारा है।