अगर पिछड़े भी हिन्दू हैं तो "हिन्दू राष्ट्र" नहीं "पिछड़ा राष्ट्र" बनाओ
अगर पिछड़े भी हिन्दू हैं तो "हिन्दू राष्ट्र" नहीं "पिछड़ा राष्ट्र" बनाओ
हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात कहने वाले लोग दरअसल देश को कमज़ोर करने की साजिश कर रहे हैं
सुनील सिंह यादव साजन
एक बार फिर लोग देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं और उसमें भी वो एक बार फिर धर्म का सहारा लेकर अपने मंसूबों को पूरा करना चाह रहे हैं। हम लोगों ने कुछ दिन पहले सुना कि कुछ लोग इस देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात कर रहे हैं। हम उनसे जानना चाह रहे हैं कि क्या ये देश केवल हिन्दुओं का ही है ? या इस देश को बनाने में केवल हिन्दुओ का ही योगदान है? ये देश सबका है और इस पर सबका बराबर का हक है। हमारा देश दुनिया का एक ऐसा देश है जहां कई धर्मों के लोग और कई हज़ार जातियां एक साथ मिलकर रहती हैं। उस देश में ऐसी बात करना बेईमानी है और ऐसी बातें राष्ट्रद्रोह में आनी चाहिए।
चलिए एक बार मान भी लिया जाए कि हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात सही है। तो जो लोग या जो विचारधारा ये बात कह रही है वो हमें बताये कि इस देश में हिन्दू कौन है ?
इस देश में एक बड़ा तबका पिछड़ी जाति में आता है तो दूसरा दलित में और बचा कुछ बड़ी जातियों में। मेरा केवल एक ही सवाल है कि इनमें हिन्दू कौन है ? अगर पिछड़े हिन्दू हैं तो पिछड़ा राष्ट्र बनाओ। अगर दलित हिन्दू हैं तो दलित राष्ट्र बनाओ। या कोई और हिन्दू है तो नाम बताओ? और अगर सब हिन्दू हैं, तो सब कुछ ख़त्म करके सबको बराबर कर दो। जाति ख़त्म कर दो, और कहो कि ये सब हिन्दू हैं। मैं जानता हूँ कि ऐसा तो ये लोग सपने में भी नहीं सोच सकते। हिन्दू राष्ट्र बनाने की बात कहने वाले लोग दरअसल देश को कमज़ोर करने की साजिश कर रहे हैं। इन लोगों को कहना चाहिए कि देश सशक्त बनाओ और इसमें सबकी भूमिका होनी चाहिए। ऐसी बातों और ऐसी सोच के चलते ही शायद हमारा देश 1947 में एक बार बंट चुका है जिसका परिणाम आज तक देश को झेलना पड़ रहा है।
जो देश हमारे देश के बाद आज़ाद हुए वो हमसे अधिक तरक्की कर गए। और हम 68 सालों से एक-दूसरे से लड़ रहे हैं।
इस देश की पहचान हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई के एक साथ रहने के नाम से है। मेरा मानना है कि इस पहचान को और अपने देश को बचाए रखने के लिए हमें जवाब देना होगा, उन लोगो को जो देश को कमजोर करने के साजिश कर रहे हैं।
इस देश में सियासत जाति-धर्म के नाम पर होती है लेकिन इस सियासत का दायरा इतना बड़ा भी नहीं होने देना चाहिए जिससे देश टूट जाए।
जय हिन्द। जय भारत।
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सुनील सिंह यादव "साजन", लेखक समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उप्र सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हैं।


