अभियंताओं पर कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए वर्कर्स फ्रंट पदाधिकारी

अनपरा-सोनभद्र (उप्र), 29 जनवरी 2018। अनपरा‘डी’ में मशीन ट्रिप व फाल्ट के मामले में योगी सरकार द्वारा अभियंताओं पर की जा रही उत्पीड़न की कार्रवाई पर वर्कर्स फ्रंट ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और अभियंताओं के उत्पीड़न के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है।

आज अनपरा तापीय परियोजना गेट पर अभियंताओं के प्रदर्शन में वर्कर्स फ्रंट के अध्यक्ष दिनकर कपूर व महासचिव राजेश सचान, ठेका मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल, तेजधारी गुप्ता, मुश्ताक अहमद, अम्बेलाल, आलमीन, राजेन्द्र प्रसाद कुशवाहा, उदयभान आदि लोग शामिल हुए।

वर्कर्स फ्रंट के अध्यक्ष और स्वराज अभियान राज्य समिति सदस्य दिनकर कपूर ने अनपरा ‘डी’ के मामले में सरकार से श्वेत पत्र लाने की मांग करते हुए कहा कि अभी तक अनपरा डी परियोजना को भेल ने उत्पादन निगम को हस्तांरित नहीं किया है तब ऊर्जा मंत्री द्वारा भेल के खिलाफ कार्यवाही करने की जगह अभियंताओं के वेतन में कटौती करने की बयानबाजी तानाशाही और अवैधानिक है। उन्होंने कहा कि अनपरा ‘डी’ के निर्माण के दौरान ही उच्च स्तर पर हुए भ्रष्टाचार व घोर लापरवाही के चलते न सिर्फ कई वर्षों की देरी हुई बल्कि 3 हजार करोड़ से ज्यादा लागत बढ़ गई और निर्माण के काम पूरे हुए बिना ही उत्पादन पर इकाईयों को ले लिया गया। भेल द्वारा शुरू में ही मैटेरियल खरीदने के कारण कई वर्षों तक खुले मैदान तमाम पार्ट्स पड़े रहे जो बेकार हो गये है। इसलिए पूरी परियोजना का सिस्टम सही तरीके से काम ही नहीं कर पा रहा है। यही वजह रही कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के उद्घाटन के दौरान भी मशीन ट्रिप कर गई थी और उसके बाद लगातार मशीनों में तकनीकी खामियां बनी हुई है। इन परिस्थितियों में कभी भी अनपरा डी में ऊंचाहार जैसा बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अनपरा डी निर्माण के समय ही हो रहे भ्रष्टाचार और लापरवाही के बारे में वर्कर्स फ्रंट ने कई बार मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी और यदि सरकार ने इस पर ध्यान दिया होता और कार्यवाही की होती तो संचालन में आ रही परेशानियों से बचा जा सकता था।