अब अगला आपराधिक मामला ओबामा पर दर्ज कराएंगे केजरीवाल!
अब अगला आपराधिक मामला ओबामा पर दर्ज कराएंगे केजरीवाल!
खुलकर सामने आया कॉरपोरेट वार
मोइली, देवड़ा और अंबानी पर आपराधिक मामले दर्ज करने का केजरीवाल का आदेश
नयी दिल्ली। अंततः राजनीति की आड़ में कॉरपोरेट घरानों के हित साधने की राजनीति का खुला हो ही गया और कॉरपोरेट वार सड़कों पर आ ही गया। दिल्ली सरकार ने कृष्णा गोदावरी (केजी) बेसिन की रिलायंस गैस परियोजना की प्राकृतिक के मूल्य निर्धारण में अनियमितताओं की शिकायत के मद्देनजर आज पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली, पूर्व मन्त्री मुरली देवड़ा, रिलायंस इण्डस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का आदेश दिया।
पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि आम आदमी पार्टी के पीछे कॉरपोरेट घरानों का हाथ है और "आप" की पूरी राजनीति कुछ खास कॉरपोरेट घरानों विशेषकर अंबानी विरोधी लॉबी के हित साध रही है। इन आरोंपों पर आज उस समय मोहर लग गयी जब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार-निरोधक शाखा (एसीबी) से पूर्व मन्त्रिमण्डल सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. एच. ताहिलयानी, जानी-मानी वकील कामिनी जायसवाल और पूर्व व्यय सचिव ई ए सरमा की शिकायत पर जाँच करने के लिये कहा गया है।
एक संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने कहा कि, आज हमने एसीबी से इस मामले की जाँच करने के लिये कहा है> हम मुरली देवड़ा के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज कर रहे हैं। मोइली, मुकेश अंबानी, हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के पूर्व प्रमुख वी के सिब्बल, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दायर की जा रही है।
उधर पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने केजरीवाल के आरोपों को खारिज करते हुये करारा जवाब देते हुये कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों का मूल्य निर्धारण विशेषज्ञों की सलाह पर किया जाता है। पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने में विशेष रुचि ली है कि सीएनजी और पीएनजी की कीमतें कम हों।
मोइली ने कहा ‘‘मुझे लगता है कि मुझे उनकी अज्ञानता पर दया करनी चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए सरकार कैसे चलती है, कैसे काम होता है। मैंने यह सुनिश्चित करने में विशेष रचि ली कि सीएनजी और पीएनजी की कीमतें घटें। आपको ये पता होना चाहिए।‘‘
केजरीवाल के इस शोशे को अपनी सरकार कुर्बान करने के नाटक के तौर पर देखा जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, प्रधानमंत्री नहीं, आखिर उन्होंने यह आदेश दिया किस हैसियत से है ? क्या केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले मामलों पर दिल्ली का मुख्यमंत्री जाँच के आदेश और आराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दे सकता है ? सियासी गलियारों में केजरीवाल के इस प्रहसन का यह कहकर मज़ाक उड़ाया जा रहा है कि केजरीवाल अब अगली एफआईआर ओबामा पर दर्ज कराएंगे!


