अमिताभ ठाकुर के खिलाफ विभागीय और न्यायिक दोनों ही स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए.

मुलायम सिंह ने अमिताभ ठाकुर को सिर्फ सुधरने की हिदायत दी थी जो बहुत ही सामान्य सी बात कही जा सकती है...

अलबत्ता, अमिताभ ठाकुर ने पूर्वनियोजित ढंग से खुद सचेत रहते हुए बातचीत का ऑडिओ रेकार्डिंग कर मीडिया में सार्वजनिक किया, जो प्रशासनिक व क़ानूनन दोनों ही दृष्टिकोण से अनुचित लगता है.

नौकरशाह को जन-प्रतिनिधि के अधीनस्थ ही कार्य करना होगा.

अमिताभ ठाकुर को लखनऊ सचिवालय बुलाकर रोज दिन हाजिरी लगवायी जाय. जब तक उसके खिलाफ विभागीय और न्यायिक दोनों ही स्तर पर कार्रवाई पूरी कर नहीं ली जाती.

अखिलेश चंद्र प्रभाकर

अखिलेश चंद्र प्रभाकर, तीसरी दुनिया का सामाजिक नेटवर्क