आंध्र, बंगाल के बाद अब छत्तीसगढ़ में सीबीआई की “नो एंट्री”, मुमं. बोले सीबीआई की विश्वसनीयता संकट में
आंध्र, बंगाल के बाद अब छत्तीसगढ़ में सीबीआई की “नो एंट्री”, मुमं. बोले सीबीआई की विश्वसनीयता संकट में
रायपुर, 11 जनवरी। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में केंद्रीय जांच ब्यूरो - Central investigation bureau (सीबीआई) की बगैर अनुमति छापा मारने के अधिकार पर सरकार ने रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देश में सीबीआई की विश्वसनीयता संकट में है, और इसे देखते हुए प्रदेश में इसकी बगैर अनुमति कार्रवाई पर रोक लगाई गई है।
उन्होंने कहा,
"राज्य में सीबीआई को सीधी एंट्री (Direct entry to CBI) कुछ अफसरशाहों ने दी थी, जिस पर केंद्र सरकार को विधि सम्मत पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी स्वीकार किया है।"
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश में कई घोटाले किए हैं, और विधानसभा पटल पर गुरुवार को पेश की गई सीएजी की रपट से यह स्पष्ट है।
उन्होंने कहा,
"एक ही कंप्यूटर पर एक ही ई-मेल से कई निविदाओं को भरा गया है और उन्हीं कंप्यूटर्स की मदद से निविदाओं को खोला भी गया है। यह अपने आप में ही स्पष्ट सबूत है।"
मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ियों का अस्तित्व मिटाने पर तुल गई थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सुप्रसिद्ध राजिम पुन्नी मेला (Rajim Pooni Mela) का नाम राजिम कुंभ (Rajim kumbh) कर दिया था, जो प्रदेश की एकता और अखंडता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा,
"कुंभ तो पूरे देश में चार होते हैं। राजिम कुंभ का नामकरण भी भ्रष्टाचार का एक जरिया था। रायपुर का स्काई वॉक और स्काई योजना भी छत्तीसगढ़ियों का अस्तित्व मिटाने का एक प्रयास है। मैं रायपुरवासियों से सुझाव मांगता हूं कि रायपुर में निमार्णाधीन स्काईवॉक और लाखों की तादाद में पड़े स्काई योजना के मोबाइल फोन का क्या किया जाए?"
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After Andhra Pradesh, Bengal now the CBI's "No Entry" in Chhattisgarh, CM blames the credibility of CBI


