आखिर हरियाणा में जनता के ठगने और मूर्ख बनने का समय आ ही गया
आखिर हरियाणा में जनता के ठगने और मूर्ख बनने का समय आ ही गया
कमलजीत अविनाशी
चण्डीगढ़। आखिर हरियाणा में पाँच साल के बाद पुन: आम जनता के ठगने और मूर्ख बनने का समय आ ही गया। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गत दिवस एक राजनैतिक पार्टी ने आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जारी किये गए घोषणा पत्र में मतदाताओं को गुमराह करके वोट बटोरने के लिए ऐसे लोकलुभावन वायदे किए जिन्हें किसी भी हालत में पूरा ही नहीं किया जा सके। इस घोषणा पत्र में 12वीं पास लड़कियों के कालेज में प्रवेश लेने पर मुफ्त स्कूटी या मोपेड देने, प्रदेश के सभी वर्गो के दो लाख रूपये तक के कर्जे माफ करना व बाहरवीं पास बेरोजगारों को पांच हजार रूपये मासिक व बीए पास बेरोजगारों को आठ हजार रूपये मासिक बेरोजगारी भत्ता देने के ऐसे वायदे हैं, जिन्हें हरियाणा के बजट व ससांधनों के अनुसार पूरा किया ही नहीं जा सकता है।
सवाल उठ रहे हैं कि कॉलेज जाने वाली लड़कियों को स्कूटी या मोपेड मुफ्त में देने का वायदा करने वाली पार्टी को बताना चाहिए कि इसके लिए प्रदेश सरकार के पास धन कहां से आयेगा? प्रदेश में लगभग 15 लाख युवाओं ने बेरोजगार कार्यालयों में रोजगार के लिए अपने नाम पंजीकृत करवा रखे हैं। ऐसी स्थिति में क्या 15 लाख बेरोजगारों को पांच से आठ हजार रूपये मासिक बेरोजगारी भत्ता देना संभव है? इसी तरह प्रदेश के हर वर्ग के व्यक्ति का दो लाख रूपये तक का कर्जा माफ करने का वायदा मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखाकर लोगों को छलने का प्रयास मात्र है। यदि कालेज में जाने वाली लड़कियों को मुफ्त स्कूटी या मोपेड देने, बेरोजगार युवाओं को पांच से आठ हजार रूपये मासिक बेरोजगारी भत्ता देने व प्रदेश के हर वर्ग का दो लाख रूपये तक का कर्जा माफ करने सहित सत्ता मिलने पर केवल इन्हीं तीन वायदों को पूरा करने का प्रयास करेगी तो प्रदेश में विकास कार्यो के लिए तो बजट बचेगा ही नहीं। जिस प्रदेश पर एक लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का कर्जा हो, उस प्रदेश के राजनेता चुनाव जीतने के लिए ऐसे लोकलुभावन वायदे करते हैं, तो यह वोट बटोरने के लिए मतदाताओं को छलने के सिवाय कुछ भी नहीं है।
आमजन का कहना है कि 1987 के विधानसभा चुनावों में भी एक दल के नेता ने प्रदेश में किसानों के कर्ज माफ करने का वायदा किया था और उस वायदे का क्या हुआ, यह प्रदेश के किसान अच्छी तरह से जानते हैं। बेरोजगार युवकों से विभिन्न दल समय-समय पर अपने चुनावी घोषणा पत्रों में बेरोजगारी भत्ते देने के अभी तक जितने भी वायदे किये हैं, वे कभी भी किसी दल ने सरकार बनने पर पूरे नही किये हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी द्वारा छात्रों को मुफ्त लैपटाप बाटने के किये गए वायदे का क्या हश्र हुआ है, यह भी हरियाणा के सभी दलों के नेताओं को नजरअंदाज नही करना चाहिए।


