आलोक वाजपेयी

जो लोग आज के दौर की तुलना आपातकाल से करते हैं या आज की हिंसा के बचाव में पिछले दौर की हिंसा का जिक्र करते हैं वो लोग पुरी तरह से गलत हैं। उन्हें राजनीतिक स्थिति परिस्थिति में अंतर कर सकना नहीं आता।

आज का पूरे देश मे सबसे बड़ा धर्म है मुस्लिम भाइयों के साथ हर कीमत पर खड़े होना।

मुझे भी पता है कि मुसलमानो में भी कट्टरता रही है और है।

मुझे भी पता है दंगों में मुसलमानों ने हिन्दुओं को भी मारा काटा है।

मुझे भी पता है कि मुस्लिम साम्प्रदायिकता की उतनी आलोचना पूर्व में नहीं की गई जितनी होनी चाहिए थी।

लेकिन, मुझे ये भी पता है कि आज जो हो रहा है वो उस सब की प्रतिक्रिया से नहीं हो रहा है।

आज जो हो रहा है वो भारत का पाकिस्तानीकरण है।

आप जिसको गरियाते थे वही बने जा रहे हो।

कम से कम युवा पीढ़ी को ये बता के गुमराह मत करिए कि अरे ये सब तो पहले भी होता रहा है।

ये फासीवादी परिघटना है और नई चीज है भारत में।

आज के दौर में वही देशभक्त है जो भारत के मुसलमान के साथ खड़ा है।

अगर आप उनके दर्द को नहीं समझ पा रहे समझने की कोशिश करिये। मनुष्य कहलाने लायक हैं तो।