आजम खान को अमर सिंह के बहाने मुलायम सिंह का साथ छोड़ने का बहाना नहीं तलाशना चाहिए
आजम खान को अमर सिंह के बहाने मुलायम सिंह का साथ छोड़ने का बहाना नहीं तलाशना चाहिए
आजम खान को अमर सिंह के बहाने मुलायम सिंह का साथ छोड़ने का बहाना नहीं तलाशना चाहिए
रामगोपाल, अखिलेश के पीछे छुपकर वार कर रहे हैं
संदीप वर्मा
सपा की लड़ाई अब अखिलेश वर्सेज मुलायम सिंह जी नहीं बल्कि मुलायम सिंह जी वर्सेज रामगोपाल जी हो गयी है। रामगोपाल जी अखिलेश के पीछे छुपकर वार कर रहे है।
आजम खान जी को अमर सिंह के बहाने मुलायम सिंह जी का साथ छोड़ने का बहाना नहीं तलाशना चाहिए। उन्हें मजबूती से अपना सौ फीसदी समर्थन मुलायम सिंह जी को ही देना चाहिए। ऐसा करके वह अपनी विश्वनीयता बनाये रखने में ना सिर्फ कामयाब होंगे बल्कि अखिलेश जी को भी आईना दिखा सकेंगे।
नेता जी भी बदले में चुनाव के बाद आजम खान को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित कर सकते हैं।
सपा की यह लड़ाई महज अखिलेश की सत्ता पर पकड़ मजबूत बनाने की कवायद नहीं बल्कि लोकतंत्र पर तानशाही की विजय की तरफ बढ़ता कदम है। पार्टी कार्यकर्ताओं को समझना चाहिए कि पार्टी का लोकतंत्र ही उन्हें पार्टी में मजबूत बनाता है न कि पार्टी में किसी सर्वेसर्वा की चाटुकारिता।


