आतंकी घटनाओं में अपनी संलिप्तता को क्लीन चिट दे रही हिन्दुत्व ब्रिगेड
आतंकी घटनाओं में अपनी संलिप्तता को क्लीन चिट दे रही हिन्दुत्व ब्रिगेड
मोदासा - महज शुरूआत है
हिंदुत्व ब्रिगेड के अगर्णीय आतंकी घटनाओं में अपनी संलिप्तता को लेकर खुद को ही क्लीन चिट दे रहे हैं !
क्या हिंदुत्व आतंक के मामलों की जांच अब अपनी रूप बदल रही है ? दरसल पिछले दिनों एक के बाद एक सामने आए घटनाक्रम - जिनका उपरी तौर पर एक दूसरे से कोई संबंध नहीं दिख रहा था - उसे देखकर यही प्रतीत हो रहा है।
मुंबई की जानिनामनी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सुश्री रोहिणी सालियान द्वारा मीडिया में किए गए इस उद्घाटन के बाद की मामलोंगांव बम धमाके /2008/ के मामलों में - जिनमें वह पिछले सात साल से अभियोजन की भूमिका में हैं - उन पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी/एनआईए - नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की तरफ से दबाव पड़ रहा है कि वह मामले में सुस्ती बरते या आगामी खुफिया खुलासों के कारण अधिक परेशानी में न पड़े।
मामले की जांच में सुरक्षाबलों के उज़ागर हुए हिंदू आतंकवाद की बुनियाद में हैं। जीनमें वह पिछले सात साल से अभियोजन की भूमिका में हैं - उन पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी/एनआईए - नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की तरफ से दबाव पड़ रहा है कि वह मामले में सुस्ती बरते या आगामी खुफिया खुलासों के कारण अधिक परेशानी में न पड़े।
हालांकि, यह कहा जा रहा है कि भाजपा के केंद्र में सत्ता के आते ही - यह पहला साफ संकेत है कि कांग्रेस के नेताओं पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस संबंध में परामर्श से हुए यह मौलिक चर्चा दरअसल सुरक्षाबलों के सदस्यों की खुद की प्रतिक्रिया और इसमें से कई सफेदपोश आतंकियों की बढ़ती छवि को लेकर है।


