संजीत त्रिपाठी

रायपुर(छत्तीसगढ़)। सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए निकले आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने स्थानीय सप्रे स्कूल मैदान के पास रोक लिया, इससे भड़के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प होती रही, बाद में पुलिस ने आप कार्यकर्ताओं की औपचारिक गिरफ्तारी कर उन्हें सप्रे शाला मैदान में बिठा दिया। इधर करीब 50 कार्यकर्ता नजर बचाकर विधानसभा तक पहुंच गए। इन कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पार्टी ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के दौरान न्यायिक प्रक्रिया का पालन पुलिस ने नहीं किया।

देश भर में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम व झाड़ू अभियान के अंतिम दिन आप कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव का असफल प्रयास किया। बूढ़ा तालाब धरना स्थल से रैली की शक्ल में आप कार्यकर्ता सफाई करते हुए आगे बढ़ रहे थे, वहीं कई कार्यकर्ता नक्सलियों के शहरी नेटवर्क की मदद करने का आरोप लगाते हुए सांसद सोहन की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टर भी थामे हुए थे। पुलिस ने सप्रे शाला मैदान के पास बेरिकेट्स लगाकर आप कार्यकर्ताओं को विधानसभा की ओर बढऩे से रोक दिया। इससे नाराज आप कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करे हुए आगे बढ़ऩे का प्रयास किया। इसके चलते पुलिस व आप कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने आप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी। यहां सैकड़ों की संख्या में आप कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सप्रे शाला मैदान में बिठा दिया गया।

इधर-उधर से पहुंच ही गए विधानसभा

पुलिस की नजर बचाकर निकले करीब 50 आप कार्यकर्ता विधानसभा तक पहुंच गए। आप कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के गेट नंबर 3 से अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। लेकिन यहां सुरक्षा में तैनात बल ने उन्हें आगे बढऩे से रोकते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पार्टी कार्यकर्ताओं को सेंट्रल ले जाया गया।

पार्टी ने लगाया अनदेखी का आरोप

इस सारे मसले पर आम आदमी पार्टी के छत्तीसगढ़ मीडिया प्रभारी व स्टेट इलेक्शन कमेटी के सदस्य राजेश अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान नियमों/न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना की है। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद उन्हें किसी अदालत या जज के सामने पेश करने की बजाय सीधे सेंट्रल जेल ले जाया गया, जो कि पूर्णत: गलत है। इसी तरह सेंट्रल जेल ले जाए जाने से पूर्व गिरफ्तारी के दौरान कार्यकर्ताओं पर धारा 147 व 137 लगाई गई थी, लेकिन उसमें बाद में धारा 188 भी जोड़ दी गई जिससे थाने से जमानत नहीं हो सकती। श्री अवस्थी ने यह भी बताया कि सेंट्रल जेल ले जाए गए पार्टी कार्यकर्ताओं को पांच-पांच की टुकड़ी में शहर के अलग-अलग थानों में भेज दिया गया जिससे कि वे साथ न रह पाएं।

कार्यकर्ता थाने में ही बैठे आमरण अनशन पर

पुलिस अब इन कार्यकर्ताओं को मंगलवार 12 बज कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। वहीं अलग-अलग थानों में बिठाए गए पार्टी कार्यकर्ताओं ने वहीं आमरण अनशन शुरु कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के दमनात्मक रवैये के विरोध में कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान कार्यकर्ता अपनी जमानत नहीं लेंगे।

एसपी ने नहीं उठाया फोन

इधर इस पूरे मामले में जानकारी के लिए रायपुर एसपी ओपी पॉल से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने मोबाइल नहीं पिक किया।

जनादेश न्यूज़ नेटवर्क