आम आदमी के संहार का मॉडल, मोदी मॉडल- अखिलेन्द्र
आम आदमी के संहार का मॉडल, मोदी मॉडल- अखिलेन्द्र
मायावती ने दलितों से किया धोखा-दारापुरी
ओबरा के अम्बेडकर तिराहे पर हुई आइपीएफ प्रत्याशी की आमसभा
सोनभद्र 9 मई 2014, कारपोरेट हितों को पूरा करने के लिए पूरे देश में मोदी को मसीहा के रूप में पेश किया जा रहा है। जबकि गुजरात में विकास और सुशासन का मोदी माडल आम आदमी के संहार का माडल है जिसमें सामाजिक न्याय के अधिकारों के खात्में से लेकर, मानव विकास के पिछड़ेपन और मजदूरों, किसानों व नौजवानों व आदिवासियों की तबाही शामिल है।
यह बातें ओबरा के अम्बेडकर तिराहे पर आइपीएफ के राबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी पूर्व आई0 जी0 एस0 आर0 दारापुरी के लिए आमसभा को सम्बोधित करते हुए आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि इस इलाके में इतनी क्षमता है कि पूरे प्रदेश की बिजली की आवश्यकता को पूरा कर सकता है पर बीस सालों से जारी सपा-बसपा सरकारों की लूट की नीति की वजह से इस क्षमता का उपयोग नहीं हो पा रहा। अम्बानी जैसे कारपोरेट धरानों से तो इनकी सरकारों ने बीस रूपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर विद्युत क्षेत्र में धाटा ला दिया पर दो रूपए से कम की दर पर बिजली पैदा करने वाली अपनी ओबरा इकाइ को दुरूस्त नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि यहां कार्यरत ठेका मजदूरों का नियमितिकरण कर दिया जाए और लूट को रोक कर पूरी क्षमता से उत्पादन किया जाए तो प्रदेश में कोई बिजली संकट नहीं रहेगा।
आइपीएफ के प्रत्याशी पूर्व आई0 जी0 एस0 आर0 दारापुरी कहा कि मायावती ने दलित राजनीति को माफियाओं-सामंतों और अपराधियों के हाथों गिरवी रख दिया और दलितों के साथ धोखा देने का काम किया है। हम इस चुनाव को डा0 अम्बेडकर के मिशन और सिद्धांतों को आगे ले जाने के लिए लड़ रहे है। उन्होंने मतदाताओं से इस क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज देने, ठेका मजदूरों के नियमितिकरण व वेतनमान, स्थानीय नौजवानों को रोजगार समेत तमाम जन मुद्दों के लिए कैमरा वाला बटन दबाने की अपील की। आमसभा को आइपीएफ के संगठन प्रभारी दिनकर कपूर, वर्कर्स फ्रंट के महामंत्री राजेश सचान, सीआईटीयू नेता का0 लालचंद, ताप विद्युत उत्पादन निगम कर्मचारी संध के महामंत्री छेदीलाल राजभर, ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र पाल, मोहन प्रसाद, महेन्द्र प्रताप सिंह आदि ने सम्बोधित किया और संचालन मंत्री मणि शंकर पाठक ने किया।


