आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ताओं पर हमला !
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ताओं पर हमला !
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ताओं पर हमला !
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पने नेता अरविंद केजरीवाल की निंदा रास नहीं आ रही है और अब सरकार का विरोध करने वालों पर हमले भी शुरू हो गए हैं। बिगुल मज़दूर दस्ता ने आरोप लगाया है कि आज शाम जब बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ता शालीमार बाघ के मैक्स हस्पताल से 1 किलोमीटर दूर 25 मार्च को दिल्ली सचिवालय पर मज़दूरों, बच्चों, महिलाओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के बारे में परचा वितरित कर रहे थे तब उनपर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनपर हमला किया, एक महिला कार्यकर्ता के साथ बदसलूकी और मारपीट की।
बिगुल मज़दूर दस्ता के सनी सिंह ने बताया कि “गत 25 मार्च को दिल्ली भर के ठेके मज़दूर आम आदमी पार्टी की सरकार को उनके द्वारा किये गए वायदों की याददिहानी कराने दिल्ली सचिवालय पहुंचे थे, मगर अरविन्द केजरीवाल की सरकार ने उनकी बात सुनना तो दूर बल्कि मज़दूरों पर बर्बर लाठीचार्ज करवाया। बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ता 25 मार्च की घटना के बारे में रामजी कॉम्पलेक्स से 1 किलोमीटर दूर परचा बाँट रहे थे, तभी वहां राजेश कुमार, जो की आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता है, पहुंचा और उसने तुरंत फोन करके 10-12 लड़कों को घटना स्थल पर बुलवाया। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वहाँ पहुँचते ही पहले तो वहाँ मौजूद तीनो बिगुल के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की, आम आदमी पार्टी के पुरुष कार्यकर्ताओं ने बिगुल की महिला कार्यकर्ता के साथ धक्कामुक्की और ज़ोर ज़बरदस्ती की। बाद में उन्होंने पर्चे छीन कर उन्हें फाड़ दिया। यह सारी घटना विधायक वंदना कुमारी की शय पर हुई है। इसके बाद जब बिगुल के कार्यकर्ताओं ने 100 नंबर पर इस घटना की शिकायत दर्ज करवाने के लिए फोन किया तो पी.सी.आर ने उन्हें थाना चलने को कहा और फिर वहाँ मौजूद पोलिसकर्मियों ने उनकी शिकायत दर्ज करने में आनाकानी की। यह रिपोर्ट लिखे जाने तक कार्यकर्ता अभी भी थाने में बैठे है और उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गयी हैं।“
सनी सिंह ने कहा कि जनवादी राजनीति करने और भ्रष्टाचार को मिटाने की बात करने वाली यह आम आदमी पार्टी की सरकार खुद कितनी भ्रष्ट और गैर जनवादी है यह इसके कार्यकर्ताओं और नेताओं के आचरण से समझा जा सकता है। जब मज़दूर अपनी बात लेकर मुख्य मंत्री तक जाते हैं तो उन पर लाठिया बरसाई जाती हैं और जब मज़दूर कार्यकर्ता उनकी बर्बरता का भंडाफोड़ करने के लिए आम मेहनतकश जनता तक जाते हैं, तो इन्ही के गुंडे कार्यकर्ता उनके साथ मारपीट करते हैं।


