आम बजट किसान-गांव-गरीब विरोधी, उप्र की जनता के साथ धोखा- सपा
आम बजट किसान-गांव-गरीब विरोधी, उप्र की जनता के साथ धोखा- सपा
लखनऊ, 02 फरवरी। समाजवादी पार्टी ने आम बजट 2017 को किसान, गांव, गरीब विरोधी बताते हुए उत्तर प्रदेश की जनता के साथ धोखा करार दिया है। पार्टी ने बजट को अलोकतांत्रिक बताया है।
पार्टी ने कहा है कि भारत कृषि प्रधान देश है, फिर भी हमेशा की तरह इस बार भी एनडीए के तीसरे बजट में कृषि को लेकर ठोस प्रस्ताव नहीं है। केन्द्रीय वित्तमंत्री ने अपने बजट में बेरोजगारी दूर करने के लिये कोई नीति प्रस्तुत नही की और न हीं मंहगाई कम करने के लिये ठोस उपाय किये हैं भाजपा सरकार ने फिर जता दिया है कि उसकी चिंता पूंजीघरानों और कारपोरेट जगत को फायदा पहुंचाने की है।
समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने एक बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में आसन्न चुनाव को लेकर मुख्यमत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर चुनाव बाद बजट प्रस्तुत करने का आग्रह किया था। निर्वाचन आयोग भी मुख्यमंत्री के इस सुझाव से सहमत था। 20 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश की उपेक्षा करके केन्द्र सरकार ने लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया साथ ही निर्वाचन आयोग के सुझाव की भी अनदेखी किया है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने के बजाय उनके लिए और कर्ज की व्यवस्था करके धोखा किया हैं पिछले बजट में जहां औद्योगिक घरानों के एक लाख दस हजार करोड़ माफ किया गया था। वहीं इस बार किसानों की कर्ज माफी का कोई प्रावधान नहीं किया गया। यह भाजपा का किसान विरोधी चरित्र है।
सपा प्रवक्ता ने कहा उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने हमेशा किसानों की मदद की है। ओला वृष्टि, अतिवृष्टि से पीड़ित किसानों के लिये तत्काल 221 करोड़ 41 लाख राज्य आपदा मोचक निधि से सहयोग यूपी सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। पिछले वर्ष यूपी का चौथा बजट पेश करते हुये श्री अखिलेश यादव ने सीमित संसाधनों के बाद भी गांव-गरीब के हित का बजट पेश किया था। जिसमें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिये 778 रूपये के माध्यम से किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया गया था। गन्ना किसानों के समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए गन्ना समितियों और सोसाइटी कमीशन के विकास हेतु 442 करोड़ के मद के साथ 1152 करोड़ रूपये से गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की व्यवस्था की गयी थी। इस प्रकार अनेक प्रावधानों से मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आम आदमी को राहत देने के अनेक उपायों पर अमल किया हैं।जबकि केन्द्र सरकार ने गन्ना किसानों या आपदा पीड़ित किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया है।
श्री चौधरी ने कहा कि दिल्ली की केन्द्र सरकार का यह बजट जन विरोधी और किसानों के खिलाफ है। केन्द्र सरकार द्वारा जनता के साथ एक बार फिर धोखा किया गया हैं जिसका जवाब विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता देगी।


