आरबीआई गर्वनर को बुरा लगा 'काला धन' पर सवाल, टाल गए
आरबीआई गर्वनर को बुरा लगा 'काला धन' पर सवाल, टाल गए
आरबीआई गर्वनर को बुरा लगा 'काला धन' पर सवाल, टाल गए
नई दिल्ली, 7 दिसम्बर। भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल को 'काला धन' पर सवाल पर सवाल करना अच्छा नहीं लगा और वह उन सवालों को टाल दिया, जिनमें उनसे पूछा गया था कि बंद किए गए सारे नोट लगभग बैंकों में वापस आ चुके हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि अर्थव्यवस्था में काला धन नहीं है।
श्री पटेल बुधवार को मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक के बाद मुंबई में मीडिया को संबोधित कर रहे थे।
मीडियारिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि नोटबंदी से मध्यम से दीर्घकालिक नतीजे अच्छे आएंगे, जबकि अल्पकालिक परेशानी (जिसके बारे में हम सब को पता है) हो रही है।
पटेल ने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था में काफी पारदर्शिता आएगी, कर संग्रह बढ़ेगा, नकली नोट बनाना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि नए फीचर्स जोड़े गए हैं और अर्थव्यवस्था का डिजिटीकरण होगा।
उन्होंने कहा कि इससे नोट छापने की लागत भी घटेगी, क्योंकि अर्थव्यवस्था डिजिटल होने से कम नोट छापने पड़ेंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या नोटबंदी से पहले इसके फायदे और इस पर आने वाले खर्च का विश्लेषण किया गया था और अगर बंद किए गए सारे पुराने नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस जमा हो गए हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि देश में काले धन की समस्या नहीं है।
आरबीआई के गर्वनर ने प्रश्न के दूसरे हिस्से का जबाव देना पसंद नहीं किया।


