आर्थिक आपातकाल के खिलाफ रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया पर प्रदर्शन
आर्थिक आपातकाल के खिलाफ रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया पर प्रदर्शन
आर्थिक आपातकाल के खिलाफ रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया पर प्रदर्शन
मोदी सरकार द्वारा थोपे आर्थिक आपातकाल के खिलाफ लखनऊ की परेशान जनता का रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया, गोमतीनगर, लखनऊ पर प्रदर्शन २२ नवम्बर को
लकनऊ,19नवंबर। विभिन्न जनसंगठनों, राजनैतिक पार्टियों की संयुक्त बैठक आज शाम 5 बजे भाकपा के जिला सचिव कामरेड मोहमद खालिक की अध्यक्षता में माकपा ज़िला कार्यालय पर हुई।
बैठक में मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले को आर्थिक आपातकाल मानते हुए उसकी तीव्र निंदा की गयी।
बैठक में शामिल नेतायों ने इस फैसले से जनता हो रही दुश्वारियों पर गहरा रोष व्यक्त किया। मोदी सरकार बड़े पूंजीपतियों को लगातार राहत देती आ रही है और उससे पैदा हुए संकट को हल करने की लिए आम जनता के ऊपर आर्थिक आपातकाल थोप रही है।
बैठक में शामिल सभी लोगों ने इस फैसले के खिलाफ 22 नवम्बर को दोपहर 1,30 बजे लोहिया पार्क चौराहा से रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया, गोमती नगर, लखनऊ तक जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से मोहमद खालिक और ए. आर. तिवारी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी ) से प्रदीप शर्मा, विमेश मिश्र और डी. डी. चटर्जी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी -लेनिनवादी ) से रमेश सिंह सेंगर और अमित सिंह, कॉर्ड से अतहर हुसैन, जनवादी महिला समिति से सीमा राना, महिला फेडरशन से कान्ति मिश्रा और बबिता सिंह, जनवादी लेखक संघ से नलिन रंजन सिंह, जन संकृति मंच से भगवान स्वरुप कटियार, आईसा से नितिन राज, एसएफआई से अनुपम यादव और संजीव बैरागी, रिक्शा यूनियन से मोहमद अकरम, इप्टा से प्रदीप घोष, सीटू से राहुल मिश्र, भारत की जनवादी नौजवान सभा से राधे श्याम, upmsra से सुरजीत मुख़र्जी तथा pucl से आशीष अवस्थी शामिल थे।


