नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक के बीच परमाणु सहमति ने देश के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के बारे में निराधार प्रोपेगण्डा की क़लई खोल दी है।
रेडियो ईरान की एक खबर के मुताबिक उन्होंने अमरीकी टीवी चैनल के साथ साक्षात्कार में कहा कि वार्ता के ज़रिए हम यह साबित करना चाहते थे कि परमाणु हथियारों की प्राप्ति का प्रोपेगण्डा ग़लत है और ईरान परमाणु ऊर्जा को सिर्फ़ और सिर्फ़ शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए हासिल करना चाहता है।

यह भी पढ़ें - सीरियाई सेना ने मार डाले कई देशों के अनेक आतंकी

हिलेरी क्लिंटन ने माना सीरिया में अमरीका की हार हुई

डॉक्टर रूहानी ने कहा, “ हमें इस बात की ख़ुशी है कि हमने परमाणु मामले के हल के लिए बहुत अहम क़दम उठाया और अब हम आख़िरी चरण की ओर बढ़ रहे हैं। परमाणु सहमति के नतीजे में दुनिया ने इस बात को मान लिया कि ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए परमाणु गतिविधियां अंजाम देने का पूरा अधिकार हासिल है।” उन्होंने आशा जताई कि ईरान की संसद और राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल, परमाणु सहमति को स्वीकृति दे देगी।
ईरान के राष्ट्रपति ने परमाणु सहमति को दुश्मनी ख़त्म करने की दिशा में पहला क़दम बताया, लेकिन साथ ही इस बात का भी उल्लेख किया कि अमरीका पर अविश्वास इतनी जल्दी ख़त्म नहीं होगा।
दूसरी ओर डॉक्टर रूहानी ने पवित्र प्रतिरक्षा सप्ताह के अवसर पर विशेष समारोह में 70 फ़ीसद सेवानिवृत्त सैनिकों को धैर्य, प्रतिरोध, दृढ़ता, और महान ईरानी राष्ट्र के सम्मान का दर्पण बताया। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि सेवानिवृत्त सैनिकों के बलिदान का बदला ईश्वर के पास बहुत अधिक है।

यह भी पढ़ें - दुष्टता के त्रिकोण हैं -अमरीका, इस्राईल और सऊदी अरब

जेल में बंद परिजनों से मिलने पर मुकदमा दर्ज करना, राजस्थान पुलिस की सांप्रदायिक जेहनियत – रिहाई मंच

डॉक्टर रूहानी ने कहा कि ईरानी राष्ट्र के सम्मान को बचाने में इन सैनिकों की सद्भावना की सांसारिक मानदंडों से तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त सैनिकों ने पवित्र प्रतिरक्षा के आठ साल के दौरान दुनिया को यह बता दिया कि ईरानी राष्ट्र धैर्यवान, प्रतिरोधी और वीर राष्ट्र है जो अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगा और न ही नतमस्तक होगा।