आवाज़ें

आवाज़ें दबाई जायेंगी

आवाज़ें मारी जायेंगी

उठेगें आवाज़ों के जनाज़े

आवाज़ें फिर भी आयेंगी

* राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुख़ारी की हत्या पर

जसबीर चावला