आवाज़ें — आवाज़ें दबाई जायेंगी आवाज़ें मारी जायेंगी उठेगें आवाज़ों के जनाज़े आवाज़ें फिर भी आयेंगी * राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुख़ारी की हत्या पर ☘ जसबीर चावला (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({});
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