दिनेश शाक्य
इटावा। देश के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश मे सांप्रदायिक हिंसा ने राज्य की माहौल की छवि को घूमिल करके रख दिया है। एक वारदात पर अकुंश लगाने की कोशिश की जाती है लेकिन दूसरी हो जाती है पुलिस और प्रशासन की लाख कोशिशों के बाजवूद इन वारदातों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राज्य में होने वाली ऐसी सभी वारदातों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका साफ-साफ मानना है कि भारतीय जनता पार्टी राजनैतिक फायदे के लिए राज्य मे सांप्रदायिक राजनीति कर रही है।
अपने पैतृक गांव सैफई दौरे पर आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खास मुलाकात में भाजपा नेताओ को जिम्मेदार ठहराया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि राज्य की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी को भी नहीं करने दिया जायेगा, चाहे कोई कितना भी ताकतवर नेता क्यों ना हो, सबके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्यवाही की जायेगी। यहां प्रस्तुत हैं अखिलेश यादव से बातचीत के प्रमुख अंश-
सवालः उत्तर प्रदेश में 13 सितंबर को होने जा रहे एक लोकसभा और कई विधानसभा के उपचुनाव में कैसे परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं?
जबाब: अभी यह कहना मुश्किल है, लेकिन समाजवादी पार्टी संगठन और समाजवादी पार्टी सरकार के काम लोगों को समझाने की जरूरत है और अपनी बात को ही ले जाने की, तो मैं समझता हूं कि परिणाम अच्छे आयेंगे, क्यों कि जनता जब आंकलन करेगी कि किस सरकार के फैसले क्या हैं और कौन सी सरकार किस दिशा में प्रदेश को और जनता की खुशहाली के लिए जा रही है तो मैं समझता हूं कि समाजवादी पार्टी को जनता का सहयोग मिलेगा और परिणाम अच्छा आयेगा।
सवाल: सहारनपुर दंगे के बाद सरकार की ओर से आई आपकी रिपोर्ट को लेकर भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए भाजपा पर ठीकरा फोड़ रही है ?
जबाब: आपको बगल की जानकारी होगी, जहां पर लाउडस्पीकर का मामला गांव के बुजुर्ग और गांव के समझदार लोग बैठ जायें तो रास्ता निकल जाता है। उत्तर प्रदेश में बहुत सारी ऐसी जगह हैं जहां पर बुजुर्ग बैठकर के समझा करके ऐसी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, लेकिन जिस पार्टी का नाम आप ले रहे हो उस पार्टी की कोशिश है कि अगर मामला शांत हो जाये तो उसे कैसे और तूल दे दिया जाये। इस योजना में ही लगे रहेंगे। लाउडस्पीकर पर लड़ाई होगी? क्या लाउडस्पीकर को लेकर समाज मे कटुता पैदा होगी और वहीं जहां सच्चाई से निष्पक्ष हो कर के कई मौके ऐसे आये हैं जहां पर सरकार ने कार्यवाही की है और पूरी तरह से निष्पक्ष हो कर कार्यवाही की है। बदायूं का मामला आपके सामने है। मीडिया अब उन पक्षों को सामने नहीं रखेगी जब सच्चाई सामने आ गई है। उस समय आपने क्या-क्या दिखाया और ना जाने क्या-क्या लिखा, यह आप जानते हैं, फिर भी आपका सहयोग मिलेगा, मदद मिलेगी। आने वाले समय में, कुछ लोग मदद भी कर रहे हैं तो जहां निष्पक्ष कार्यवाही हो रही है उस पर भी राजनैतिक लाभ लेने के लिए कई दल घूम रहे हैं। आपस में जहां दोनों ही परिचित हैं, जान पहचान है, मोबाइल पर एक दूसरे से बातचीत है और कोई घटना हो जाये तो उसे राजनैतिक रूप कोई दे रहा है तो वो भारतीय जनता पार्टी दे रही है। चाहे वो हाल में फैजाबाद का मामला हो उसमें किसी ने राजनैतिक रूप रंग दिया है तो भारतीय जनता पार्टी ने।
सवाल: सैफई मेडिकल कालेज और अस्पताल को विस्तार करने के लिए सरकार की कवायद कैसी चल रही है ?
जबाब: सैफई अस्पताल की ओपीडी अब पांच हजार के आसपास प्रतिदिन पहुंच गई है। सैफई अस्पताल और मेडिकल कालेज जो बना हुआ है आसपास ही नहीं बल्कि कई प्रदेश के कई गरीब आते तो इस अस्पताल को कितना अच्छा किया जाये यह काम सरकार के माध्यम से किया जा रहा है।
सवालः नेता जी के पुराने साथी अमर सिंह से आपकी मेल मुलाकातें हो चुकी हैं क्या मतलब निकाला जाये इन मेल मुलाकातों का ?
जबाब: यह सवाल ऐसा है जिसका जबाब हमारे अकेले देने की स्थिति नहीं है इसलिए फिलहाल इस विषय पर हम कुछ भी नहीं कहना चाह रहे हैं।
सवाल: आये दिन देखा जा रहा है कि आजम खान पार्टी की नीतियों के विपरीत बोलते और अपनी नाराजगी को जगजाहिर करते रहे इससे पार्टी के अंदर खाने कुछ नेता नाराज हैं ?
जबाब: आजम खान पार्टी के मजबूत स्तंभ हैं वो अलग बात है कि उनकी नाराजगी समय-समय पर देखी जाती है।
सवाल: अमूमन देखा गया है कि राज्य के अफसर सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं ?
जबाब: ऐसे अफसरों को बख्शा नहीं जायेगा। ऐसे अफसरों की सूची बनवाई जा रही है, कार्यवाही के लिए निर्देशित कर दिया है।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क