उत्तरप्रदेश सद्भावना यात्रा 2015
उत्तरप्रदेश सद्भावना यात्रा 2015
उत्तर प्रदेश सद्भावना यात्रा राष्ट्रीय एकीकरण एवं समतामूलक समाज के निर्माण हेतु निकली गयी थी। इस यात्रा के जरिये विभिन्न सभाओं, गोष्ठियों के जरिये देश में चल रहे फासीवाद के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर लोगों मे जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। चिश्ती सद्भावना पुरुस्कार से सम्मानित युगलकिशोर शरण शास्त्री के नेतृत्व में निकाली गयी यह 18वीं यात्रा थी। वे मानते हैं कि इस यात्रा की पूर्ण सफल तभी मानेंगे, जब फासीवादी ताकतों के लव जिहाद, दंगा, फसाद, धर्म परिवर्तन, गोडसेवाद, मंदिर-मस्जिद प्रकरण आदि फिरकापरस्तियों को जनता नकार देगी। हालांकि 18 यात्राओं मे एक सफलतम यात्रा यह भी मानी जा रही है। यात्रा की खासियत यह रही कि भारी संख्या मे पर्चे और स्टिकर का इस्तेमाल भी किया गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने खूब सराहा।
उत्तर प्रदेश सद्भावना यात्रा साझी विरासत की नगरी अयोध्या से 8 फरवरी को अयोध्या के सरयू कुंज मंदिर से निकाली गयी थी। एक दिन पहले इस मंदिर में गोष्ठी भी रखी गयी थी। जिसमें अयोध्या-फ़ैज़ाबाद के सभी धर्मों के लोग उपस्थित होकर अयोध्या की साझी विरासत को मजबूत करने हेतु यात्राओं के माध्यम से जागरूकता पैदा करने पर बल दिया। 8 फरवरी को यह यात्रा दोपहर में लखनऊ पहुंची, जहाँ पर शूद्र महासभा के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। सायंकाल यह यात्रा कानपुर पहुंची वहाँ जमीयत उलमा हिन्द की तरफ से विशाल सभा आयोजित की गई थी। उलमाओं ने इस सभा के जरिये यात्रियों का स्वागत किया। इस सभा मे युगलकिशोर शरण शास्त्री,मुजम्मिल फिदा, सुनील दत्ता सहित तमाम स्थानीय लोगों ने फिरकापरस्ती ताकतों से सावधान रहने का आगाह किया। 9 फरवरी को प्रातःकाल सद्भावना यात्री सेंट मेरी स्कूल पहुंची। वहाँ पर प्रधानाचार्य खालिद भाई सहित सभी अध्यापक एवं छात्र छात्राओं ने फूल मालाओं से भारी स्वागत किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या मे उपस्थित छात्र-छात्राओं को शास्त्री, सुनील दत्ता और मुजम्मिल फिदा ने संबोधित किया। आकाशवाणी के कलाकार रामप्रसाद साहेब के कबीर भजन को बच्चो ने तालियों से सराहा। दोपहर में यात्रा आशा ट्रस्ट द्वारा संचालित अपना घर पहुंची। जहां पर महेश और के एम भाई ने फूल मालाओं और रोली से सभी यात्रियों का स्वागत किया। इस अवसर पर भट्टा मजदूर बच्चों के बीच कबीर भजन गायन भी हुआ।
सद्भावना यात्रा 9 फरवरी को रात्रि 8 बजे कन्नौज पहुंची, जहां पर खुदाई ख़िदमतगार और गांधीयन कमुनिटी एक्शन के तत्वाधान मे गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसे यात्रियों ने संबोधित किया। 10 फरवरी को सद्भावना यात्रा फ़िरोज़ाबाद पहुंची, वहां पर जमीयत उलमा-ए-हिंद फ़िरोज़ाबाद के सदर कारी नईम के निर्देशन में यात्रियों का फूल मालाओं से भरपूर स्वागत किया गया। इस अवसर पर गोष्ठी भी रखी गयी थी। जिसे यात्रियों और स्थानीय लोगों ने संबोधित किया। 10बजे रात्रि मे नगर शांति यात्रा निकाली गयी जिसमें सैकड़ों स्थानीय लोग मौजूद थे। इस यात्रा मे सद्भावना के नारों, पर्चा, स्टिकरों से हजारों लोगों में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया।
11फरवरी को यात्रा हाथरस के सेंट फ्रांसिस इंटर कालेज पहुंची। जहां पर फादर मैथ्यू ने यात्रा के साथियों का स्वागत किया। 12 फरवरी को हाथरस के गांधी पार्क मे कबीर भजन हुआ। यात्रियों ने नगर भ्रमण का स्टिकर चिपकाया, पर्चे बांटे। जिससे हजारों लोगों मे सद्भावना का संदेश गया।
13 फरवरी को उत्तरप्रदेश सद्भावना यात्रा रामपुर पहुंची। जहां पर मौलाना अब्दुस सलाम एवं सैयद कामरान अली आदि लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। इस शहर में यात्रियों ने हजारों की संख्या मे पर्चे बांटे एवं स्टिकर चिपकाए। 14 फरवरी को यात्रा शाहजहाँपुर पहुंची, वहाँ पर फिल्म कलाकार रफी खान एवं उनके साथियों ने फूल मालाओं से भरपूर स्वागत किया। वहाँ पर कबीर भजन भी हुआ जिसे स्थानीय लोगों ने खूब सराहा। इसी दिन सद्भावना यात्री शहीद –ए-वतन अशफाक़उल्लाह खां के मज़ार पर पहुंचे यात्री शहीद-ए- वतन के घर पर भी गए। जहां उनके पौत्र अशफाक़ साहब ने यात्रियों का स्वागत किया, वहीं पर कबीर भजन भी हुआ। शाहजहाँपुर में मास्टर जावेद ने अपने निवास पर फूल मालाओं से स्वागत किया। 15 तारीख को बरतारा के समीप जहानाबाद गाव में विशाल सभा का आयोजन किया गया था। जहां पर ग्रामीणों ने सद्भावना यात्रियों का स्वागत किया। इस सभा में कबीर भजन हुआ तथा यात्रा के अगुवा शास्त्री ने संबोधित किया। राम प्रसाद साहेब के कबीर भजन को लोगों ने खूब सराहा। सभा में उत्तर प्रदेश के कैबिनट मंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा एवं यश भारती से सम्मानित रमेश भइया ने अपने सम्बोधन में सद्भावना यात्रा को खूब सराहा।
सायंकाल छीतेपुर गांव स्थित जेपी कुटी पर सद्भावना यात्रा पहुंची। यहाँ पर उपस्थित ग्रामीणों के बीच मे कबीर भजन का गायन हुआ। स्टिकर चिपकाए गए और पर्चे भी वितरित किए गए। 15फरवरी को लखीमपुर जनपद मे स्थित सुआ बोझ गाव के अंबेडकर विद्यालय में बच्चों को संबोधित किया गया। यहाँ पर भी हजारों की संख्या में पर्चे और स्टिकर वितरित किए गए। लखीमपुर शहर में अफ़रोज उसमानी के घर पहुंचे। जहां पर यात्रियों का स्वागत किया गया।
उत्तर प्रदेश सद्भावना यात्रा 2015 के निम्नलिखित आयोजक हैं।
सर्व-धर्म सदभावना ट्रस्ट,नई दिल्ली
अयोध्या की आवाज़, अयोध्या
आशा परिवार, कैथी, वाराणसी
सद्भावना पुस्तकालय, कानपुर
उपरोक्त यात्रा मेम निम्नलिखित यात्री शामिल थे
युगलकिशोर शरण शास्त्री
जनहित दास
सागर दास
सुनील दत्ता
रामप्रसाद साहेब
मुजम्मिल फिदा
शाह आलम
विनीत पाण्डेय
अतहर शमशी
सीमा कुमारी
युगल किशोर शरण शास्त्री ने कहा- भारत एक विशाल देश है, यहाँ पर इस प्रकार की सैकड़ों यात्राएं चलाते रहने की जरूरत है। जिस प्रकार से फिरकापरस्ती ताक़तें अपना सर उठा रही हैं इस स्थिति मे इस प्रकार की यात्राओं की उपयोगिता और बढ़ जाती है। हम आगे भी जंग लड़ते रहेंगे।


