उप्र : जावीद अहमद को पुलिस महानिदेषक बनाया जाना भाजपा को रास न आया
उप्र : जावीद अहमद को पुलिस महानिदेषक बनाया जाना भाजपा को रास न आया
लखनऊ, 1 जनवरी : प्रदेश पुलिस महानिदेशक के रूप में जावीद अहमद की नियुक्ति भारतीय जनता पार्टी को रास नहीं आई है। भाजपा ने कहा है कि प्रदेश के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद की नियुक्त से प्रदेश सरकार की वोट बैंक की राजनीतिक मंशा एक बार फिर उजागर हुई है। प्रदेश में कानून का राज कायम रखने में असफल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनावी तैयारियों को ध्यान में रख कर ही नये डीजीपी की नियुक्ति की है।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु में प्रकाशित खबर के मुताबिक प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार के आईपीएस जावीद अहमद आठवें पुलिस महानिदेशक हैं। प्रदेश सरकार को जनता के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर क्यों 15 आईपीएस अफसरों में से सुपर सीट करके जावीद अहमद को ही डीजीपी बनाया गया है।
प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि आईपीएस अफसर जावीद अहमद को प्रदेश पुलिसिंग का कोई बहुत अधिक अनुभव नहीं है। फिर भी अखिर उनको ही क्यों नियुक्त किया गया ? प्रदेश में अराजकता की जो स्थिति है उसको सम्भालने के लिए आखिर वो क्या कदम उठायेंगे ? पूर्व में भी प्रदेश के पुलिए अधिकारियों द्वारा सत्तारूढ़ सपा के राजनैतिक हस्तक्षेप की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की जाती रही है। ऐसे में वह कैसे खुद को स्थापित कर पायेंगे। उ0प्र0 की छवि कानून व्यवस्था के मामले में बद्तर स्थिति में है। महिला अपराध चरम पर है। राजनैतिक संरक्षण में अपराधी बेखौफ घूम रहे है।
प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि पुलिस महानिदेशक की राजनैतिक नियुक्ति से प्रदेश पुलिस महकमें में निराशा का वातावरण बना है। प्रदेश सरकार द्वारा चहेतों को उपकृत करने के लिए वरिष्ठता क्रम की अनदेखी कर मनमाफिक नियुक्ति की गयी है।


