ए पार हिंदुस्तान ओ पार पाकिस्तान
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वह शख्स जो कल फूट फूट के रोया
दीवार के उस पार है
उसने बहुत कुछ खोया है
जो शख्स दीवार के इस पार हिचकियाँ ले रहा
इसने कुछ नहीं पाया है
पता नहीं कौन इस पार कौन उस पार है
बीच में एक दीवार है
न दीवार होती युद्ध न होता
सरहद पर खुशबू के खेत होते
न यह रोता न वह रोता

? जसबीर चावला