अगर आप एक जानी मानी शख्सियत हैं और राजनीति में आना चाहते हैं, तो भ्रष्टाचार और गुंडई के खिलाफ ‘जंग छेड़’ दीजिए।
अगर किसी ‘सेकुलर सत्ता’ के खिलाफ दो-दो हाथ करने की हिम्मत रखते हैं, तो बहुत अच्छी बात है। एक पूरा देशव्यापी ‘संगठन’ आपके समर्थन में खड़ा हो जाएगा। सोशल मीडिया में आपको भगत सिंह बना दिया जाएगा। याद कीजिए अन्ना आंदोलन।
अब उत्तर प्रदेश में भी वही शुरू हो गया है। क्या मध्य प्रदेश में उन लोगों के समर्थन में ‘संगठन’ खड़ा हुआ, जिन्होंने व्यापमं के पिशाच को उजागर किया?
ऐसा इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि वहां उसी संगठन की सरकार है, जिन्हें ‘सेकुलर’ सरकार में हुई एक हत्या से कानून व्यवस्था ध्वस्त होती नजर आती है, लेकिन 48 हत्याओं वाले प्रदेश में रामराज्य नजर आता है।
सलीम अख्तर सिद्दीकी
सलीम अख्तर सिद्दीकी देश के अनेक समाचार-पत्रों में सामायिक मुद्दों पर लेख लिखते हैं। आजकल दैनिक जनवाणी में कार्यरत हैं।