एस्सार मुख्यालय पर प्रदर्शन करने वाले ग्रीनपीस कार्यकर्ताओं को मिली जमानत
एस्सार मुख्यालय पर प्रदर्शन करने वाले ग्रीनपीस कार्यकर्ताओं को मिली जमानत
67 कार्यकर्ताओं को मुंबई पुलिस ने हवालात में रखा था
अविनाश कुमार चंचल
23 जनवरी, मुंबई। पुलिस थाने में चौबीस घंटे बीताने के बाद सभी 67 कार्यकर्ताओं को सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत दे दी गयी।
बुधवार को एस्सार मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान इन्हें पुलिस ने उठाया था। बुधवार को 14 कार्यकर्ताओं ने एस्सार के 21 मंजिला मुख्यालय पर बैनर लगाया था। ये लोग महान जंगल से आए ग्रामीणों का समर्थन कर रहे थे। महान सिंगरौली से आए ग्रामीण एस्सार को प्रस्तावित कोयला खदान का विरोध करने के लिए एस्सार मुख्यालय के बाहर धरना पर बैठे हुए थे।
सभी 67 प्रदर्शनकारियों को जिनमें 27 महान के ग्रामीण, सीनियर कार्यकर्ता प्रिया पिल्लई सहित मुंबई के समर्थक नौजवानों को पुलिस ने शाम में तारदेव पुलिस स्टेशन लेकर गए थे।
मुंबई के ही संगीतकार धिरेन्द्र मुल्कलवर जो इस प्रदर्शन में शामिल थे, ने कहा कि, इमारत पर चढ़ना और फिर हवा में पांच घंटे से ज्यादा लटके रहना बिल्कुल अलग अनुभव था लेकिन हम सब प्रेरित थे कि हमें अपने जंगल को बचाना है और एस्सार के सच को सामने लाना है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रदर्शन में भाग लेकर वो देश के सामने लोगों की जीविका और जंगल को एस्सार जैसी कम्पनियों और मोईली जैसे नेताओं द्वारा छीने जाने के मुद्दे लाना चाहते हैं।
महान संघर्ष समिति के सदस्य और अमिलिया गाँव के निवासी कृपानाथ ने कहा कि पुलिस थाने में चौबीस घंटे बीताने के बाद हम और ताकतवार हुये हैं। अब हम एस्सार को बता देना चाहते हैं कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी और हम अपने अधिकारों के लिये खड़े हो रहे हैं।
ग्रीनपीस ने माँग की है कि एस्सार प्रस्तावित कोयला खदान को रद्द करे। साथ ही, पर्यावरण और वन मंत्री वीरप्पा मोईली इस्तीफा दें।


