नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार, समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के परिवार का झगड़ा अब खुलकर सामने आ गया है।
रविवार को विधायकों और पार्टी नेताओं की बैठक के बाद अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल समेत 5 मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अखिलेश ने साफ कहा है कि अमर सिंह के करीबी उनके कैबिनेट में नहीं रहेंगे।
दरअसल ये झगड़ा चार महीने से चल रहा है।
शुरुआत जून में उस वक्त हुई जब शिवपाल सिंह यादव ने सपा में बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी के विलय की कोशिश की।
बिखर रहा मुलायम परिवार, कमर के नीचे वार ...
पार्टी नेता और अखिलेश के करीबी उदयवीर ने कहा था- अखिलेश के खिलाफ साजिश में सौतेली मां साधना और चाचा शिवपाल शामिल हैं।
मुलायम के बयान के बाद सड़क पर आया विवाद
- मुलायम ने कहा कि अगला मुख्यमंत्री विधायकों की पसंद पर तय होगा।
- बाद में शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि स्टाम्प पेपर पर लिखकर दे देता हूं कि अखिलेश ही मुख्यमंत्रीपद के दावेदार होंगे।
रजत जयंती समारोह या रथ यात्रा?
- अखिलेश तीन नवंबर से रथ यात्रा निकालना चाहते हैं।
- शिवपाल ने पार्टी नेताओं से कहा- पाँच नवंबर को सपा के रजत जयंती समारोह पर फोकस करें।

कथित दागी के बेटे को टिकट पर बवाल
- सपा के नए उम्मीदवारों की लिस्ट में अमनमणि त्रिपाठी के बेटे अमरमणि को टिकट दिया गया था।
- कहा जा रहा है, अखिलेश इससे राजी नहीं थे। इसी लिस्ट में अखिलेश के एक करीबी का भी टिकट काटा गया था।

देर से पहुंचकर अखिलेश ने नेताजी को किया नाराज
- लखनऊ में नए सचिवालय का फीता मुलायम को काटना था।
- अखिलेश पाँच मिनट देर से पहुंचे तो मुलायम ने फीता काटने से मना कर दिया था। आजम खान के कहने पर माने।

नए घर में शिफ्ट हुए तो सामने आई दूरी
- अखिलेश-डिम्पल विक्रमादित्य मार्ग के एक सरकारी बंगले में शिफ्ट हुए।
- वहां पूजा में सिर्फ मुलायम-शिवपाल पहुंचे। घर की बाकी महिलाएं नहीं आईं।

4 महीने पहले शुरू हुआ था विवाद
- जून में मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल के सपा में विलय पर अखिलेश राजी नहीं थे।
- लेकिन शिवपाल यादव ने विलय करा लिया था।

मंत्री को हटाने पर फिर हुई अनबन
- दागी मंत्री गायत्री प्रजापति को कैबिनेट से हटाया गया। विवाद में अमर सिंह की भूमिका सामने आई।
- बाद में मुलायम के कहने पर अखिलेश को उन्हें दोबारा बहाल करना पड़ा।

अखिलेश ने छीने थे शिवपाल के विभाग
- अखिलेश ने शिवपाल से अहम विभाग छीन लिए थे, तब मुलायम ने अखिलेश को सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया था।
- बाद में मुलायम के कहने पर अखिलेश को शिवपाल को विभाग लौटाने पड़े।