दो गज जमीन भी मयस्सर नहीं इस जरजमीं पर मरने के लिए?
अपने ही घर से बेदखल लोग फिर कहां रचेंगे घर जीने के लिए?
आज ही कोलकाता के सबसे बड़े बांगला अखबार के पेज पर फुल पेज जापानी तेल है और एनाटामी, बायोलाजी, सेक्सि ओलाजी का खुल्ला इजहार है। पुत्रक प्रकरण का किस्सा शाश्वत है प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में। थ्रीजी फोर जी पर देवर भौजी के तमामो रसीले वीडियो व्हाट्स अप हैं और रोज इस मुल्क के चप्पे चप्पे पर बलात्कार सुनामी है और कत्लेआम है। यही मुक्तबाजार है।

जाहिरे है कि समूचा बालीवुड और दुनिया भर की मेधा उनके काम और बिजनेस के आगे दो कौड़ी की भी नहीं, हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी है और सनी लिओन हिंदू राष्ट्र की सहिष्णुता है!

बीडी शर्मा की मौत हो गई और आसमान में धान बोने वाले विद्रोही कवि भी चले गए। दोनों फकीर थे। इन्हें याद करते हुए महसूस होता है कि इस जमाने में भी फकीर होते हैं। अब बाकी लड़ाई हमारी है।

यहां सनी लिओन के काम और बिजनेस की सारी खिड़कियां खुली हैं और सहिष्णुता के राजकाज की वे ही प्रवक्ता हैं।

सनी लिओन की आलोचना निषिद्ध है क्योंकि सहिष्णुता के फुल फ्लेम देश में जापानी परमाणु उर्जा और जापानी तेल के रीमिक्स माहौल में यह मेहनतकशों का हकहकूक और औरत की आजादी का मामला भी है।

जो भद्र लोग लुगाई मोबाइल पर कुछ भी देखने सुनने को अभ्यस्त हैं और ऑफिस से लेकर राज्य सचिवालय और विधानसभाओं में भी जो लोग बैठे ठाले कुछ भी देखते सुनते हैं, उनके सौंदर्यबोध, उनकी भाषा और उनके व्याकरण और उनके धर्म कर्म को मैंने कल दिलफरेब झटके दिये सनी लिओन का जलवा लाइव टेलीकास्ट, सिनेमा, वीडियो और मैनफोर्स शेयर करके।

लगता है काफी नहीं है।

टेक्स्ट से मामला बना नहीं है तो आज प्रवचन उन्हीं सनी लिओन को समर्पित जिनने आमिर खान की असहिष्णुता के जवाब में अपनी आजादी को सहिष्णुता बताया है और सहिष्णुता साबित करने के लिए भारत और दुनियाभर के साहित्यकारों, कलाकारों, इतिहासकारों, वैज्ञानिकों, समाजशास्त्रियों के खिलाफ हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी होने के आरोप में पाकिस्तान या अन्यत्र चले जाने का फतवा है। केसरिया नजरिये से सनी लिओन जो कि कल्कि महाराज हिंदू ह्रदय सम्राट से भी पोपुलर हैं,जाहिरे हैं कि समूचा बालीवुड और दुनियाभर की मेधा उनके काम और बिजनेस के आगे दो कौड़ी की भी नहीं, हिंदू विरोधी और राष्ट्रविरोधी है और सनी लिओन हिंदू राष्ट्र की सहिष्णुता है।

इसलिए सनी देवी का काम और बिजनेस के सच का सामना करना अनिवार्य है क्योंकि इसी सनी सहिष्णुता का जलवा है कि दो गज जमीन भी मयस्सर नहीं इस सरजमीं पर मरने के लिए?

इसलिए सनी देवी का काम और बिजनेस के सच का सामना करना अनिवार्य है क्योंकि इसी सनी सहिष्णुता का जलवा है कि अपने ही घर से बेदखल लोग फिर कहां रचेंगे घर जीने के लिए?

इसलिए सनी देवी का काम और बिजनेस के सच का सामना करना अनिवार्य है क्योंकि इसी सनी सहिष्णुता का जलवा है कि मीडिया में, थ्रीजी फोर जी पर देवर भौजी के तमामो रसीले वीडियो व्हाट्स एप है और रोज इस मुल्क के चप्पे-चप्पे पर बलात्कार सुनामी है और कत्लेआम है। यही मुक्तबाजार है।

सनी लिओन की आलोचना निषिद्ध है क्योंकि सहिष्णुता के फुल फ्लेम देश में जापानी परमाणु उर्जा और जापानी तेल के रीमिक्स माहौल में यह मेहनतकशों का हकहकूक और औरत की आजादी का मामला भी है।

दूसरी ओर, हम लोग इस सहिष्णुता को असहिष्णुता मानते हैं और उसके प्रतिरोध के लिए देश भर में मानव बंधन बनाने की जुगत में हैं। इसीलिए मानवाधिकार दिवस की पूर्व संध्या और न्यूज पोर्टल हस्तक्षेप डॉट कॉम के पांच वर्ष पूरे होने पर इंसाफ अभियान और नागरिक परिषद ‘असहिष्णुता की चुनौतियां और सोशल मीडिया’ विषय पर 9 दिसम्बर को, लखनऊ प्रेस क्लब में सेमिनार संपन्न हुआ।

इंसाफ अभियान के प्रवक्ता अनिल यादव और नागरिक परिषद के रामकृष्ण ने जारी संयुक्त बयान में बताया कि आज मानवाधिकारों के समक्ष बढ़ती हुई असहिष्णुता ने चुनौती रख दी है। समाज विरोधी तत्व लोगों में धार्मिक और जातिय असहिष्णुता और उन्माद फैलकर समाज और देश को कमजोर कर रहे हैं।

गौर करें कि यह बयान सनी देवी के दावे के उलट है।

हमारा मानना है, मानना ही नहीं है, हमारी जमीनी स्तर पर लड़ाई है कि धार्मिक और जातीय असहिष्णुता और उन्माद के खिलाफ निणार्यक लड़ाई के लिए ऐसी शक्तियों के खिलाफ वैचारिक संघर्ष चलाना आज की अनिवार्यता है।