आदरणीय महोदय,

दिनांक २४/०१.२०१२ दिन मंगलवार को स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम, पटना (तारामंडल के सामने गली में विद्यापति भवन के बगल में) नागरिक अधिकार मंच के द्वारा विरोध-बैठक का आयोजन किया गया है. इस बैठक का उद्देश्य निम्नवत है-

१. मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में श्री अशोक कुमार चौधरी द्वारा किए गए सभी फैसलों की जाँच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए. इस सम्बन्ध में पूर्व में भी मंच के द्वारा धरना एवं विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया गया है और महामहिम राज्यपाल को समार-पत्र भी सौंपा गया था. पर, अब तक इस दिशा में प्रगति शून्य है. अपने आदेशों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की गलत व्याख्या करते हुए सूचना आवेदन को निरस्त करना इनका शगल बन गया है.

२. मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश को नियुक्त किया जाए.

३. मंच की समीक्षा बैठक में यह बात उभर कर आयी है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के द्वारा सूचना अधिकार पर चुप्पी एवं क़ानून को कुंठित करने में समान सहभागिता है. आज तक विपक्ष ने भी सूचना के अधिकार क़ानून के सही तामिले के लिए कभी आवाज नहीं उठायी.

४. वर्तमान सरकार द्वारा आयोग के पूर्व के तीन साल के कार्यकाल में अच्छे सूचना आयुक्तों एवं मुख्य सूचना आयुक्त को मनोनीत किया गया था, क्योंकि उन्हें पूर्व के सरकार की पोल खोलनी थी. अब वर्तमान सरकार अपनी पोल खुलने की डर से भ्रष्ट लोगों को आयोग में मनोनीत कर रही है. मंच के संघर्ष की वजह से ही सामाजिक क्षेत्र के एक व्यक्ति को सूचना आयुक्त के पड़ पर मनोनीत किया गया, जो निष्पक्ष फैसले दे रहे हैं.

५. सरकार सूचना आवेदकों पर हो रहे झूठे मुकदमे को खत्म कराए और ऐसा करनेवाले पदाधिकारियों को दण्डित करे.

अगर मंच की बातों को गंभीरता से अमल में नहीं लाया जाएगा, तो भविष्य में मुख्य सूचना आयुक्त, माननीय मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष का पटना में पुतला-दहन किया जाएगा और फिर राज्य के हर जिले में चरणबद्ध विरोध-प्रदर्शन एवं पुतला दहन किया जाएगा.

अतः आप सभी इस बैठक में सादर आमंत्रित हैं.

निवेदक-

शिवप्रकाश राय

संस्थापक न्यासी एवं अध्यक्ष,

नागरिक अधिकार मंच, बिहार

म्प्बईल- 9931290702