एक तरफ कश्मीर घाटी आतंकवाद और हिंसा से सुलग रही है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इस आग को और हवा देने में जुटे हैं।

पिछले दिनों यूपी के मेरठ से कुछ पोस्टर सामने आए थे जिसमें कश्मीरियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली गई थी और कश्मीरियों को तुरंत यूपी छोड़ने को कहा गया था।

इस विवादित पोस्टर के बाद यूपी से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया, जिसके बाद अब मामले में कार्रवाई करते हुए मेरठ पुलिस ने नव निर्माण संस्था के अध्यक्ष अमित जानी को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल ये पोस्टर उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना की ओर से लगाया गया था और इस पर अमित जानी की तस्वीर भी थी। जिस पर अमित जानी के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया था।

शनिवार को पुलिस को सर्विलांस से सूचना मिली कि अमित जानी दिल्ली से स्कॉर्पियो गाड़ी से मेरठ आ रहा है। सूचना के तुरंत बाद ही पुलिस ने परतापुर बाईपास पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अमित ने बताया कि कश्मीर में भारतीय सैनिक शहीद हो रहे हैं। इसको लेकर उसने कश्मीरियों के खिलाफ होर्डिंग लगवाए थे।

आपको बता दें कि आरोपी अमित जानी लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा तोड़ने के आरोप में पहली बार विवादों में आया था। जेएनयू छात्रनेता कन्हैया कुमार की हत्या की सुपारी में भी वह और उसके साथी दिल्ली में हथियारों के साथ पकड़े गए थे। अमित जानी एक समय में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बहुत करीबी था, लेकिन समाजवादी युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष न बनाए जाने पर उसने पाला बदल लिया था।