का जोगिरा चाचा! तू त हैं भावी प्रधानमंत्री! चाय वाला। हम से का पूछत हौ!
का जोगिरा चाचा! तू त हैं भावी प्रधानमंत्री! चाय वाला। हम से का पूछत हौ!
सरकार के तीन साल पूरे।
दीपक कुमार गुप्ता
आज सबेरे-सबेरे मुहल्ले के जोगिरा चाचा ने अपनी दुकान पर एक चाय की गिलास थमाते ही पूछा- कि “विद्यार्थी जी” आज तो मोदी सरकार के तीन साल होंई गयेन हैं। आपके कोई प्रतिक्रिया नाहीं आईल।
का जोगिरा चाचा! तू त हैं भावी प्रधानमंत्री! चाय वाला। हम से का पूछत हौ!
सरकार अपन काम करत हैं तू आपन! हमार देश के भारतीय पैसन्जर ट्रेन अब तक तो तीन साल में क्योटो रेलवे स्टेशन पहुँच कर बुलट ट्रेनवा को मेल देकर, वहाँ के टॉप इनवेस्टरों को बैठाकर अपने देश में मेक इन इण्डिया क्रार्यक्रम में भाग लेने हेतु आ रहें होगें। ई सरकार में पैसन्जर ट्रेन के भी रफ्तार बुलेट ट्रेन से ज्यादा हो गईल हो।
जोगिरा चाचा!
तू त कबो ना सोचालआ चाची खातिर उनकर का होई।
ई बुलेट ट्रेन बनारस से इलाहाबाद, इलाहाबाद से विन्धायाचल तक तीर्थ यात्रा 40 मिनट में होई।
हमार चाची आराम से शाम के बनारस के गंगा आरती करके ई पेसेन्जर में प्रयाग संगम स्नान करती हैं सबेरे-सबेरे। संगम स्नान करने के बाद विन्धायाचल विन्धवासिनी माई के दर्शन भी कर लेती हैं बडें आराम से। तू ही भावी प्रधानमंत्री के चाहि बुलेट ट्रेन। हमरे चाची के नाहिं । हमरे चाची के तीरथ ब्रत के समय पैसेन्जर ट्रेन ही काफी हैं। हम लोगोन के चाहि बुलेट ट्रेन जो जापान के क्योटो जंक्शन से हमरे प्रधानमंत्री हरी झण्डी दिखा दिये हैं। अभी तो दो साल बाकी है नई दिल्ली स्टेशन पर पहुंच रहा होगा।
अभी दूसरा घूँट ही रखा था चाय की चुस्की का कि जोगिरा चाचा पूछ पड़ें।
आप सबके क्या हाल है रोजगार का?
का चाचा! तोहारे पास त एक रोजगार हैं, ताल ठोक के चाय पिलावत हैं मोदी अंदाज मा । हम सबके कौन पूछत हैं।
जब से हमरे प्रधानमंत्री दूसरे देश में घूम रहें हैं तो वहां के निवेशक भी भारत से दूसरे देश में घूमने लगे हैं। कहते हैं जब आपके प्रधानमंत्री आपके देश में नहीं रहते तो वो क्यूँ रहेंगे।
चचा! ई बताईयें कि आपन मुहल्ले में टॉपर लड़का, पढ़ने लिखने वाला तेज तर्रार कौन हैं।
जी अभिषेक बबुआ हौऊन!
तो बताईये चचा कि वो आपके दुकान पर कितने साल से चाय पीने आ रहा हैं।
पिछले पाँच-छः साल से ।
तै बताईये कि अगर अभिषेक भईया के नौकरी लग गया होता तो आपके दुकान पर अब क्यों चाय पीने कैसे आता?
वो अभी गुड़गाँव, नोयडा, मुम्बई के कॉफी हाउस से कॉफी पी रहा होता। आपके चाय की चुस्कियाँ के लिए नहीं कहता। चाचा चाय के पैसा गांव के से लौटने के बाद ले लेना।
देखो चाचा जोवन नौकरी रहल औकरों छटनी होत हअ । अभी हाल ही में टाटा मोटर्स ने अपने 1500 अधिकारिंयो की छंटनी की घोषणा की हैं।
चाचा आपके चाय के स्वाद भी तीन साल में बहुत प्रोग्रेस कर रहा हैं आज ज्यादा ईलाइची डाल दियें हैं का। अभी दो साल बाकी है चाचा सरकार कै।आज ही सब ईलाइची ना डाल देव दो साल के लिए भी रहने दो!
Disclaimer:- यह खबर कपोल कल्पित व्यंग्य है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।
दीपक कुमार गुप्ता
(पत्रकारिता विभाग)
इलाहाबाद विश्वविद्यालय इलाहाबाद


