काला धन वाले ईमानदार हो गये, बाकी सब टैक्स चोर हो गये, वाह मोदीजी वाह
काला धन वाले ईमानदार हो गये, बाकी सब टैक्स चोर हो गये, वाह मोदीजी वाह
डॉ. अजय कुमार
इस बजट में नोटबन्दी एवं कालाधन गायब
काले धन वाले ईमानदार हो गये,
बाकी सब टैक्स चोर हो गये।
सरकार ने कहा कि 1000, 500 के नोट नहीं चलेगे जबकि 500, 2000 के नये नोट चलायेंगे। इसके पीछे जनता को ये बताया जा रहा है कि काला धन वापिस आयेगा। लेकिन हम आप को बता दें कि देश का 96%काला धन देश के रियल स्टेट, गोल्ड, डायमंड, विदेशी मुद्रा को विदेशो में ज़मा कर रखा है। ये तो आने से रहा। अब बचता है 4% जो नगद है।
अब ये जानना जरूरी हो जाता है कि ये सब किसका है। तो बता दें कि ये वर्तमान मंत्रिगणों एवं पूर्व मंत्रिगणों, पूर्व नेता वर्तमान नेता, अधिकारी एवं कर्मचारी एवं पूजीपतियो का है।
इसकी जानकारी सरकार को है कि किसके पास कालाधन है, लेकिन वो कुछ नहीं करते हैं, क्योंकि वो स्वयं इसमें शामिल हैं।
यही कालाधन नेताओं को चुनाव में जाता है।
ए.डी.आर. की रिपोर्ट के अनुसार 2014 के लोकसभा के चुनाव में कारपोरेट जगत ने भा.ज.पा. को 700 लाख करोड़ वही कांग्रेस को 600 लाख करोड़ दिये। आप समझ सकते हैं ये कैसा पैसा है।
हम कहना चाहते हैं कि जब सुप्रीम कोर्ट में विदेशो में कालाधन ज़मा करने वाले लोगों की सूची बन्द लिफाफे में दी जाती है, नाम नहीं बताये जाते ऐसा क्यों ? देश के इन गद्दारों को देश की जनता के सामने बेनकाब क्यों नहीं किया जा रहा है? कहीं इसमें वर्तमान सरकार के मुखिया सहित बहुत से राष्ट्रवादी नेताओं के साथ- साथ पूर्व की सरकार में शामिल लोगों के नाम तो शामिल नहीं है?
हमारे कर्जदार किसानों के नाम तहसील जहां उपज़िला अधिकारी होते हैं, दीवारों पर बड़े- बड़े अक्षरों में नाम पता सहित लिख दिया जाता है, तो इन गद्दारों के नाम देश की जनता के सामने क्यों नहीं?
इस तुगलकी फरमान से लाभ एवं हानि-
1. इससे थोड़े समय के लिये नकली मुद्रा पर रोक लगेगी.
2. आने वाले समय में गोल्ड एवं डायमंड की कीमतें बढ़ेंगी.
3. हमारी मुद्रा की विश्वसनीयता कम हुई दुनिया में.
4. सारा पैसा नम्बर एक में हो जायेगा क्योंकि ये जो भ्रष्ट लोग है वो कृषि में आय दिखाकर ये कर लेंगे। वही सरकार इन्हीं आंकडों को दिखाकर किसानों की आत्महत्या का मजाक उड़ायेगी.
5. इसी आधार पर खाद, बीज एवं अन्य कृषि से जुड़ी चीजें महंगी होंगी.
6. जनता का ध्यान बुनयादी सवालों से हटाने में थोड़े समय के लिये सरकार सफल होती दिख रही है.
7. मुख्य धारा का मीडिया सरकार की चाटुकारिता में लगा हैं. ये नहीं बता रहे हैं कि आने वाले समय में ये 2000 के नोट की वजह से कुछ ही समय में फिर इससे विकराल समस्या उत्पन्न होगी.
8. काले धन की समस्या कम नहीं होगी बल्कि बढ़ेगी. क्योंकि इस पर कोई कार्य ही नहीं किया गया.
9. siws bank या अन्य विदेशी बैंकों में जिन लोगों का काला धन जमा था, सुरक्षित कर दिया.
10. पनामा लीक्स के खुलासे के बाद भी काले धन कुबेरों को सुरक्षित बचा लिया.
11. ये पूर्व सरकार की कार्बन कॉपी है, क्योंकि इससे पहले ये कार्य 1978 में मोरार जी देसाई सरकार, जिसमें आप भी शामिल थे, कर चुकी है।
12. आप ने डूबते बैंको को बचा लिया.
13. देश में भुखमरी बढ़ गयी, किसान, मजदूरों, छोटे दुकानदार को मरने के लिये विवश किया गया, जो कर रहे हैं.
14. बजट में यह नहीं बताया कि कितना धन अब तक बैंकों में ज़मा हुआ, कुल कितना कालाधन आया.
डॉ.अजय कुमार, लेखक लखनऊ स्थित स्वतंत्र टिप्पणीकार व सामाजिक कार्यकर्ता हैं।


