किसी नीति विहीन जमाबड़े के पक्ष में नहीं हैं भाकपा - डॉ. गिरीश
किसी नीति विहीन जमाबड़े के पक्ष में नहीं हैं भाकपा - डॉ. गिरीश
लखनऊ-27 जून। तीसरा मोर्चा गठित करने के कुछ क्षेत्रीय प्रयासों पर पानी फेरते हुये भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह किसी नीति विहीन जमाबड़े के पक्ष में नहीं हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवम् राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने आज साफ कहा कि लोकसभा चुनाव ज्यों-ज्यों निकट आ रहे हैं पूँजीवादी दलों में नये-नये मोर्चे खड़े करने की आतुरता दिखायी दे रही है। पर पूर्व में ऐसे सभी मोर्चे इसलिये विफल हो गये क्योंकि वे नीतियों तथा कार्यक्रमों पर आधारित न होकर काँग्रेस और भाजपा के विरोध के नाम पर बने थे। भाकपा और वामदल ऐसे किसी नीति विहीन जमाबड़े के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाकपा वामपंथी लोकतान्त्रिक विकल्प बनाना चाहती है और उसकी स्पष्ट राय है कि यह विकल्प जनमुद्दों पर छोटे-बड़े तमाम संघर्षों के आधार पर ही विकसित होगा।
मुद्दाविहीन, जाति-पाँति और साम्प्रदायिकता पर आधारित राजनीति के दुर्ग को तोड़ कर मुद्दों तथा कार्यक्रमों पर आधारित राजनीति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वामपंथी दल आगामी एक जुलाई को दिल्ली के मावलंकर हाल में एक संयुक्त 'कन्वेंशन' आयोजित करने जा रहे हैं।
कन्वेंशन को वामदलों के कई बड़े नेता सम्बोधित करेंगे। डॉ. गिरीश ने यह जानकारी देते हुये बताया कि कन्वेंशन में वामदल एक 'जन कार्यक्रम' पेश करेंगे। यह कार्यक्रम आर्थिक नव उदारवाद की उन नीतियों का विकल्प होगा जिनके चलते विकासदर घट कर पाँच के अँक के नीचे पहुँच गयी है, डॉलर के मुकाबले रुपया 60 के ऊपर पहुँच चुका है, रोजगारों में भारी कटौती हुयी है, महँगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं,गरीबी और अमीरी के बीच खायी लगातार चौड़ी हो रही है और भ्रष्टाचार सारी सीमायें लाँघ चुका है।
भाकपा नेता डॉ. गिरीश ने बताया कि जनता के हित में बने इस कार्यक्रम को लेकर आन्दोलन खड़े किये जायेंगे और आन्दोलनों में अधिक से अधिक जनवादी शक्तियों को भागीदार बनाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 'दिल्ली कन्वेंशन'इस दिशा में एक ठोस पहलकदमी साबित होगा।


