लखनऊ। केंद्र की मोदी सरकार पर उत्तर प्रदेश की बिजली सप्लाई रोकने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने आज सड़क पर उतर कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपने गुस्से का इज़हार किया।
जीपीओ स्तिथ गाँधी प्रतिमा पर सैंकड़ो की तादात में जमा हुये सपाइयों ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा बिजली न देने पर भाजपा सांसदों को घेराव करने और काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी।
उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम् समाजवादी पार्टी के युवा नेता अमित जानी ने आरोप लगाया कि केंद्र में सरकार बनते ही भाजपा अपनी उत्तर प्रदेश विरोधी नीति पर उतर आई है। चुनाव से पहले केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही बिजली भाजपा द्वारा सरकार बनते ही रोक दी गयी है जिस कारण प्रदेश के लोगो को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है और इलज़ाम बिना कारण सपा सरकार पर लगाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश ने तो भाजपा को दिल खोल के 73 सांसद दिए लेकिन यूपी विरोधी मानसिकता वाली केंद्र सरकार के मुखिया उत्तर प्रदेश को सुविधा देने में अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दे रहे हैं।
अमित जानी ने केंद्र सरकार को 30 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि 30 दिन में उत्तर प्रदेश के लोगो को उसके हिस्से की बिजली नहीं दी गयी तो भाजपा सांसदों की कार बीच सड़क में रोक कर उनका घेराव किया जायेगा। काले झंडे दिखा-दिखा कर समाजवादी नौजवान उत्तर प्रदेश की सडकों से भाजपा सांसदों का गुजरना दुश्वार कर देंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने भाजपा के 73 सांसद इसीलिए तो नहीं जिताए हैं कि वो दिल्ली जाकर नरेन्द्र मोदी की स्तुति में ॐ जय जगदीश करें और आरती का घंटा हिलाए? यदि उत्तर प्रदेश ने जनादेश दिया है तो सुविधा भी उत्तर प्रदेश लेकर रहेगा। बिजली पानी की मांग करके उत्तर प्रदेश कोई भीख नहीं मांग रहा है बल्कि देश को सर्वाधिक राजस्व, सर्वाधिक सांसद देने के बदले अपना हक मांग रहा है।
श्री जानी ने आरोप लगाया कि 120 करोड़ के भारत में अकेला उत्तर प्रदेश 20 करोड़ की आबादी वाला राज्य है इस संख्यानुपात में उसको देश की योजनाओं, परियोजनाओं, नौकरियों में 20% आरक्षण मिलना चाहिए जबकि इसके विपरीत मुल्क की सरकारें उत्तर प्रदेश की बजाय विकास का सारा पैसा पूर्वोत्तर और दक्षिणी भारत में खर्च करती हैं। देश में विकास और जनसुविधा वितरण के इस दोहरे मापदंड का समाजवादी पार्टी डटकर विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच से पूर्व ही बदायूं की घटना को भाजपा जिस तरह भारत में बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रही है उससे अन्य प्रान्तों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों की छवि धूमिल हो रही है। भाजपा और कांग्रेस की वजह से पहले ही उत्तर प्रदेश के लोगों को मुंबई जैसे शहरो में भईया, पुरबिया कहा जाता है, अब ये चाहते है कि देश भर में यूपी का नौजवान अपराधी और बलात्कारी के नाम से पुकारा जाये। प्रदर्शन में डॉ रितेश मिश्रा, मनीष जगन, सपा छात्र सभा के प्रदेश सचिव शुभम यादव, फारुख मंसूरी, पंकज यादव, शिवेन्द्र शुक्ल, इमरान सिद्दीकी, विशाल श्रीवास्तव, समेत सैंकड़ो समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद थे।