नईदिल्ली। कैराना से हिन्दुओं के कथित पलायन को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। भाजपा के जांच दल के बाद आज जद(यू), माकपा और एनसीपी समेत पांच विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल कैराना जाएगा।
विपक्षी दलों का यह प्रतिनिधिमंडल स्थानीय लोगों से बातचीत में पलायन के पीछे की असलियत का पता लगाएगा। वे सिविल सोसायटी की एक बैठक को भी संबोधित करेंगे।

हुकुम सिंह ने उठाया था कैराना मुद्दा
कैराना जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में जद(यू) सांसद केसी त्यागी, माकपा सांसद मोहम्मद सलीम, राजद नेता मनोज झा और एनसीपी के डीपी त्रिपाठी होंगे।
हाल ही में कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से पलायन करने वाले 346 हिन्दुओं की एक सूची जारी की थी। उनका दावा था कि एक खास समुदाय के अपराधियों के डर से लोगों ने पलायन किया है हालांकि कई पड़ताल में इसे वायरल झूठ पाया गया।

वरिष्ठ पत्रकार पंकज चतुर्वेदी और रिहाई मंच ने खोली थी झूठ की पोल
इस वायरल झूठ की पोल वरिष्ठ पत्रकार पंकज चतुर्वेदी और रिहाई मंच ने खोली थी, जिस खबर को देशबन्धु ने प्रकाशित किया था और देशबन्धु की यह खबर सोशल मीडिया पर जबर्दस्त शेयर हुई जिसके बाद अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में भी इस झूठ की परतें उघाड़ी गईं। इसके बाद हुकुम सिंह अपने बयान से पलटते भी नज़र आए, लेकिन इस पर राजनीति रुकने का नाम नहीं ले रही। सपा सांसद जावेद अली खान ने भी सवाल किया क्या हुकुम सिंह भी दहशत में कैराना से पलायन कर गए थे?

भाजपा की टीम को करना पड़ा विरोध का सामना
कैराना में हिन्दुओं के पलायन की पड़ताल करने गई भाजपा के 9 सदस्यों की जांच टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। ये लोग भाजपा पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगा रहे थे। उनका आरोप था कि यह टीम न तो सबसे मिल रही है और न ही पूरी सच्चाई बयान कर रही है।