कॉमन लूट गेम?
कॉमन लूट गेम?
हो सकता है कि भाजपा के इन आरोपों में दम हो, लेकिन सवाल यह है कि इतनी गहरे तक की जानकारी भाजपा के पास कैसे आई? क्या भाजपा के भी स्विस बैंकों और मॉरीशस के बैंकों में संबंध हैं? ऐसा हो भी सकता है, क्योंकि घोटाले में भाजपा नेता सुधांशु मित्तल का भी नाम उछला है
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में जितने भी घोटाले हुए हैं उन सब की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय को थी। बीजेपी का दावा है कि उसके पास सभी घोटालों के पुख्ता सबूत हैं।
बीजेपी के खुलासे के मुताबिक घोटाले की सारी रकम स्विस और मॉरीशस के बैंकों के जरिए बेनामी कंपनियों को ट्रांसफर की गई। घोटालेबाजों में मंत्री, कॉमनवेल्थ की आॅर्गेनाइजिंग कमेटी के अफसर समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। बीजेपी का कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में 70 हजार करोड़ का खर्च दिखाया जा रहा है। लेकिन असल में तो खेलों पर सिर्फ 350 करोड़ रुपए ही खर्च हुए हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि क़ ॉमनवेल्थ का खर्चा 1899 करोड़ से बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपया कर दिया गया और ये सब पीएम की जानकारी में हुआ। बीजेपी के मुताबिक असल में केंद्र सरकार पूरी तरह से इस घोटाले के लिए जिम्मेदार है। बीजेपी ने पूरे घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय कमेटी से कराने की मांग की है। हालाँकि यह राजनीतिक बयान है और इन बयानों का राजनीतिक अर्थ ही होता है। ऐसे आरोपों में सच्चाई होते हुए भी राजनीतिक दांव-पेंच की बदबू ही आती है। हो सकता है कि भाजपा के इन आरोपों में दम हो, लेकिन सवाल यह है कि इतनी गहरे तक की जानकारी भाजपा के पास कैसे आई? क्या भाजपा के भी स्विस बैंकों और मॉरीशस के बैंकों में संबंध हैं? ऐसा हो भी सकता है, क्योंकि घोटाले में भाजपा नेता सुधांशु मित्तल का भी नाम उछला है। अगर भाजपा अध्यक्ष आरोप लगाने के साथ साथ दस्तावेज भी जारी करते तो देश की जनता को सच्चाई पता चलती। हालाँकि उन्होंने दावा किया है कि उनके पास सबूत हैं। फिर यह सबूत सार्वजनिक क्योंनहीं किए गए? राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं हैं, बल्कि इसके साथ राष्ट्र का सममान जुड़ा हुआ है इसलिए आरोप लगाने वालों को चाहिए कि वह पूरे होम वर्क के साथ चार्जशीट जारी करें और कॉमनलूट गेम के बड़े खिलाड़ियों को बेपर्दा करें अन्यथा राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा भी राजनीतिक खिलाड़ियों के बीच फुटबॉल बनकर रह जाएगा। हाँ भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के इस आरोप में तो दम है कि सुरेश कलमाडी क्या हैं और उन्होंने पहले क्या-क्या किया है, ये हर कांग्रेसी जानता है। इसलिए क्लीन चिट तो किसी को भी नहीं दी जा सकती है।


