क्या आप भी शोर-शराबे वाली सड़क किनारे रहते हैं, तो दे रहे हैं कई गंभीर बीमारियों को दावत !
क्या आप भी शोर-शराबे वाली सड़क किनारे रहते हैं, तो दे रहे हैं कई गंभीर बीमारियों को दावत !
क्या आप भी शोर-शराबे वाली सड़क किनारे रहते हैं, तो दे रहे हैं कई गंभीर बीमारियों को दावत !
Environmental Noise Guidelines for the European Region by WHO
नई दिल्ली, 12 नवंबर। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि शोर-शराबे वाली सड़क किनारे के मकान में रहना आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रकाशित "यूरोपीय क्षेत्र के पर्यावरण शोर दिशानिर्देश" "Environmental Noise Guidelines for the European Region" के अनुसार, व्यस्त सड़कों पर, रेलवे के पास या फ्लाइट पथ के नीचे रहने वाले निवासियों को स्वास्थ्य समस्याओं की एक श्रृंखला का अधिक खतरा होता है।
ध्वनि प्रदूषण से हानि
Loss of noise pollution
अत्यधिक शोर के से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण Noise pollution से बच्चों में हृदय रोग, टिनिटस, नींद में व्यवधान और संज्ञानात्मक हानि के रूप में संभावित खतरों को चिन्हित किया गया है।
शोर के प्रकार के आधार पर, शोधकर्ताओं ने शोर के स्वीकार्य स्तरों का संज्ञान लिया।
शोर/ध्वनि प्रदूषण एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है। इसका मानव स्वास्थ्य और कल्याण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यह एक बढ़ती चिंता है। यूरोप के डब्ल्यूएचओ क्षेत्रीय कार्यालय ने पर्यावरणीय शोर के संपर्क के इन स्वास्थ्य प्रभावों की बढ़ती समझ के आधार पर इन दिशानिर्देशों को पिछले महीने जारी किया है।
इन दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न पर्यावरणीय शोर : ( परिवहन (सड़क यातायात, रेलवे और विमान) शोर, पवन टरबाइन शोर और अवकाश शोर leisure noise)के संपर्क से मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सिफारिशें प्रदान करना है।
ये दिशानिर्देश साक्ष्य द्वारा अंतर्निहित मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह प्रदान करते हैं, जो शोर के प्रतिकूल प्रभाव से जनसमुदाय को बचाने की नीतियां बनाने में आवश्यक हैं।
दिशानिर्देश यूरोप के डब्ल्यूएचओ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रकाशित किए गए हैं।
क्या हैं शोर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देश
What are the guidelines of World Health Organization on Noise
दिशा निर्देश के अनुसार दिन में सड़क यातायात के लिए 53 डेसिबल से ऊपर रात में 45 डेसिबल से ऊपर को जोखिम माना गया। रेलवे के लिए दिन और रात में क्रमशः 54 और 44 डेसिबल जबकि विमानों के लिए क्रमशः 45 और 40 डेसिबल से ऊपर का शोर जोखिम माना गया।
शोर पर पिछले डब्ल्यूएचओ दिशानिर्देशों की तुलना में, इस संस्करण में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं:
वर्ष 2010 में, पर्मा, इटली में पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पांचवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में, डब्ल्यूएचओ ने यूरोपीय क्षेत्र में सदस्य देशों से शोर दिशानिर्देशों का उत्पादन करने के लिए अनुरोध किया था जिसमें न केवल परिवहन शोर स्रोतों बल्कि निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, खिलौने और पवन टरबाइन शामिल करने का अनुरोध किया गया था, जिसे अभी तक मौजूदा दिशानिर्देशों में नहीं माना गया था। नए दिशा-निर्देशों में इनको भी शामिल किया गया है।
तेज ध्वनि से उत्पन्न प्रदूषण के दुष्प्रभाव
इस बात के मजबूत साक्ष्य हैं कि "पर्यावरणीय शोर" के कार्डियोवैस्कुलर और चयापचय प्रभाव हैं (cardiovascular and metabolic effects of environmental noise);
प्रतिकूल स्वास्थ्य परिणामों की बेहतर भविष्यवाणी करने के लिए दीर्घकालिक औसत शोर एक्सपोजर संकेतकों का उपयोग किया गया है।
हालाँकि ये दिशानिर्देश यूरोपीय क्षेत्र पर केंद्रित हैं और यूरोपीय संघ के पर्यावरणीय शोर निर्देश के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, लेकिन उनकी वैश्विक प्रासंगिकता भी है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि दिशानिर्देश जारी करते वक्त जो सिफारिशें की गईं उनमें केवल "यूरोप में ध्वनि प्रदूषण" ("Sound pollution in Europe") का अध्ययन ही शामिल नहीं था बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों, मुख्य रूप से अमेरिका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में अनुसंधान से लिया गया था। इसलिए यह दिशा निर्देश सिर्फ यूरोप में ही प्रभावी नहीं हैं बल्कि पूरी दुनिया इनसे सबक ले सकती है।
क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे
कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें
Topics - How can excess noise affect your health?, sources of noise pollution in Hindi, introduction of noise pollution in Hindi, prevention of noise pollution in Hindi, noise pollution control, solution of noise pollution, noise pollution essay in Hindi, effects of noise pollution on human health, noise pollution project in Hindi,


