खामोश ! अदालत जारी है, का सफलतापूर्वक मंचन

मराठी के सुप्रसिद्ध नाट्य लेखक विजय तेंदुलकर के नाटक शांतता ! कोर्ट चालू आहे का सरोजनी वर्मा द्वारा हिन्दी में अनूदित नाटक “खामोश ! अदालत जारी है” का सफलतापूर्वक मंचन महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा के ग़ालिब सभागार में संपन्न हुआ।

सत्तर के दशक में लिखा गया यह नाटक अपने मुख्य पात्र बेणारे बाई द्वारा स्वतंत्र भारत में स्त्रियों के व्यक्तिगत स्वतंत्रता हेतु आवाज उठाती नज़र आती है। तथा यह संदेश देती है कि आज भी आधी आबादी आज़ादी की रोशनी नहीं देख पाई है।

नाट्य प्रस्तुति में मुख्य भूमिकाएँ गुंजन सिंह, नितप्रिया प्रलय, शिल्पा भगत, अर्णव सिंह, प्रवीण कुमार, साकेत बिहारी, महिपाल तथा दीपक ने निभाई।

रंगकर्मी भगवत प्रसाद पटेल ने संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से इस नाटक का निर्देशन किया। सह निर्देशन आशीष कुमार तथा नितप्रिया प्रलय का था। प्रकाश संयोजन राजू बावने, ध्वनि संयोजन शिव कुमार, मंच सज्जा रामलखन तथा मुख एवं वस्त्र सज्जा नितप्रिय प्रलय ने किया।

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