खालिद प्रकरण पर जाँच प्रभावित कर मुसलमानों के जजबातों से खेल रही है सपा हुकूमत- मो0 शुएब
खालिद प्रकरण पर जाँच प्रभावित कर मुसलमानों के जजबातों से खेल रही है सपा हुकूमत- मो0 शुएब
बेगुनाह नौजवनों की माताओं की आह से तबाह होगी सपा सरकार- रिहाई मंच
तेइसवें दिन भी जारी रहा खालिद मुजाहिद के हत्यारे पुलिस व आयीबी अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिये रिहाई मंच का अनिश्चित कालीन धरना
लखनऊ 13 जून। रिहाऊ मंच के अध्यक्ष मो0 शुएब ने आरोप लगाया है कि खालिद मुजाहिद हत्या प्रकरण पर जाँच प्रभावित कर सपा हुकूमत मुसलमानों के जजबातों से खेल रही है।
खालिद मुजाहिद के हत्यारे पुलिस व आयीबी अधिकारियों की गिरफ्तारी, आरडी निमेष आयोग की रिपोर्ट पर सरकार द्वारा एक्शन टेकन रिपोर्ट जारी कर दोषी पुलिस व आयीबी के अधिकारियों को गिरफ्तार करने और आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाहों को तत्काल रिहा करने की माँग को लेकर रिहाई मंच का अनिश्चित कालीन धरना तेइसवें दिन भी जारी रहा। आज क्रमिक उपवास पर आजमगढ़ के रिहाई मंच के नेता तारिक शफीक बैठे।
रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुएब ने कहा कि सूबे की सत्ताधारी सपा सरकार ठंडे दिमाग से खालिद मुजाहिद प्रकरण पर जाँच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश सरकार और उसके बाद दलाल उलेमाओं और आयातित मुस्लिम नेताओं के माध्यम से आगे खालिद की मौत को बीमारी बता रही थी और अब जेल प्रशासन और जेल के चिकित्सकों के बयान मीडिया में छपवाकर मीडिया ट्रायल कर रही है, जो सरकार के आपराधिक षडयन्त्र की पोल खोलता है।
अनिश्चित कालीन धरने को सम्बोधित करते हुये इंडियन नेशनल लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि उन्होंने अपने चालीस वर्षीय राजनीतिक जीवन में मुसलमानों के किसी मसले पर इतने लम्बे समय तक विधान सभा के सामने चलते हुये धरने को नहीं देखा। यह अनिश्चित कालीन धरना मुस्लिम युवाओं की जिन्दगी बचाने की जंग है कि हमारे बेगुनाह बच्चे भारतीय लोकतन्त्र में सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि मेरठ से पकड़कर 43 मुसलमानों को पीएसी वालों ने कत्लेआम कर गाजियाबाद में हिण्डन नदी में फेंक दिया था, हैरत की बात है कि इस पर बने आयोग की रपट पर आज तक कोई कार्यवाई नहीं की गयी। इससे समझा जा सकता है कि इस राज्य सत्ता ने हमसे हमारे न्याय के अधिकार से बेदखल कर दिया है।
धरने को सम्बोधित करते हुये आयीयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष नजमुल हसन गनी ने कहा कि खालिद के हत्या की जिम्मेदारी पुलिस व प्रदेश सरकार की है। फैजाबाद में बेगुनाह युवकों का मुकदमा लड़ने वाले वकीलों के भी हम साथ हैं जिन्होंने तमाम मुश्किलात के बावजूद न्याय के लिये अन्याय के खिलाफ इस मुहिम को अदालत के माध्यम से मजबूती दे रहे हैं।
कानपुर से आये इश्तियाक अहमद अंसारी ने कहा कि मुसलमानों के वोट से सत्तारुढ़ हुयी सपा सरकार अब मिल्लत फरोशी पर उतर आयी है। सपा से अब कौम का एतबार अब हट रहा है। खालिद मुजाहिद पर सरकारी नाइंसाफी की गूँज पूरे सूबे में सुनायी देने लगी है। जो आगे चल करके सपा सरकार की विदाई का जरिया बनेगा।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से धरने के समर्थन में आये कानून के छात्र अंकित चौधरी ने कहा कि खालिद मुजाहिद के मामले में सरकार का रुख संविधान के दायरे को धता बताते हुये सैन्य शासन की तरफ निजाम को तब्दील करने की कोशिशों की बानगी है।
आजमगढ़ रिहाई मंच के नेता मसीहुद्दीन संजरी ने कहा कि दिल्ली और लखनऊ में बैठी हुकूमतें जेलों में बन्द बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों के साथ इंसाफ नहीं कर रही हैं। मैं खुद ही आजमगढ़ का रहने वाला हूँ जहाँ से दर्जनों बेगुनाह नौजवानों को जेलों में ठूँसा गया है, उनके घरों की हालत तबाह हो चुकी है। अवसाद के चलते कई हार्ट अटैक हुये हैं। सरकार की पैतरें पूर्ण शिगूफेबाजी को पीड़ित परिवारों की माताओं की आह तबाह कर देगी।
सोशलिस्ट फ्रंट के मोहम्मद आफाक, मुस्लिम संघर्ष मोर्चा के अबू जर और कमरुद्दीन कमर ने कहा कि अगर हम लड़ाई जालिम के खिलाफ लड़ रहे हैं तो ऐसे लोगों से कोई रिश्ता नहीं होना चाहिये जो जालिमों के साथ खड़े हैं। अगर हम दावा करते हैं कि हम एक लोकतन्त्र हैं हमारी अदालते भी हैं, तो यह नजर भी आना चाहिये कि हम सुरक्षित है और हमें न्याय मिल रहा है। लेकिन अफसोसनाक है कि ऐसा हो नहीं रहा है। खालिद के हत्यारों को गिरफ्तार करना तो दूर बल्कि उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय भागीदारी आन्दोलन के पीसी कुरील और पिछड़ा महासंघ के एहसानुल हक मलिक ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के जो लोग सरकार में शामिल हैं वह भी 23 दिन से चल रहे अनिश्चित कालीन धरने तक आने की जहमत नहीं जुटा पा रहे हैं। क्योंकि ऐसे सभी लोगों का केवल एक मात्र धर्म है वह है मनुवादी धर्म सत्ता धर्म, इस धर्म के अनुयायियों से इंसाफ की उम्मीद करना बेमानी होगा। इन्हें इंसाफ के लिये मजबूर करना होगा। इस काम के लिये रिहाई मंच के आन्दोलन को आगे बढ़ना पड़ेगा।
धरने का संचालन रिहाई मंच के इलाहाबाद जोन के प्रभारी व इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। धरने को आजमगढ़ रिहाई मंच के नेता आरिफ नसीम, जनवादी समता पार्टी के संजय विद्यार्थी, सोशनिलस्ट पार्टी के इमरान सिद्की, सुरेन्द्र विक्रम सिंह, आयीएनएल के मो0 समी, लक्ष्मण प्रसाद, तारिक शफीक, हरे राम मिश्रा, शिवदास प्रजापति, भंवरनाथ पासवान, रिजवान, मौलाना कमर सीतापुरी, मुस्लिम सियासी बेदारी फोरम के अघ्यक्ष डॉ. अनीस, आमिर महफूज, सैयद मोइद, वकारुल हसनैन, शिफाअत अली, फैजाबाद मुस्लिम लीग के सचिव नूर आलम, प्रतापगढ़ से शमशेर अली और राजीव यादव ने सम्बोधित किया।


