ग़लत व भ्रामक तथ्यों के प्रचार द्वारा दोबारा चरित्र हनन न करे मीडिया
ग़लत व भ्रामक तथ्यों के प्रचार द्वारा दोबारा चरित्र हनन न करे मीडिया
ऩई दिल्ली। इंस्टीट्यूट फॉर सोशल डेमोक्रेसी ने जोर देकर स्पष्ट कर दिया है कि मीडिया के एक छोटे हिस्से द्वारा खुर्शीद अनवर द्वारा लिखे गए जिस कथित नोट का ज़िक्र कर दुष्प्रचार किया जा रहा है, वह है ही नहीं।
आईएसडी ने ज़ोर दे कर कहा है कि
- यह कहना कि ‘सम्बन्ध आपसी सहमति से बनाये गए थे’ बिना किन्हीं तथ्यों के आधार पर प्रचारित किया जा रहा है। हमारा यह मानना है कि खुर्शीद अनवर द्वारा लिखे गए जिस कथित नोट का ज़िक्र किया जा रहा है वह है ही नहीं।
- 12 सितम्बर को खुर्शीद अनवर ने कोई पार्टी नहीं दी थी, उनके घर पर आने का प्रस्ताव स्वयं इला जोशी व मयंक सक्सेना के द्वारा दिया था जिसे खुर्शीद ने स्वीकार किया था। इन दो लोगों के अलावा बाकी लोगों के आने के बारे मे उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं थी।
आईएसडी ने स्पष्ट किया है कि बूँद टीम का ISD से औपचारिक या अनौपचारिक किसी भी प्रकार का कोई सम्बन्ध नहीं रहा है। ISD ने बूँद को कभी किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद नहीं दी।
ISD के सभी साथियों ने मीडिया से अनुरोध किया है कि कृपया इस मामले मे ग़लत व भ्रामक तथ्यों के प्रचार द्वारा दोबारा उनका चरित्र हनन न होने दें।


