दिगंबर

"वैसे मैं अहिंसा के सिद्धांत का कायल हूं, पर अगर मुझे विवश होकर विप्लव और शाश्वत दासता में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाए तो मैं नि:संकोच कहूंगा कि मैं भारत में विप्लव देखना कहीं ज्यादा पसंद करूंगा..."

  • मोहन दास करमचंद गांधी.

आज उनका बलिदान दिवस है। एक हिन्दूवादी फिरकापरस्त ने उन्हें गोली मार दी थी और आज भी उन ताकतों का घिनौना खेल जारी है।

गांधीजी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि और फिरकापरस्ती को धित्कार।

जिसने उसे मारा था, उसे मनोरोगी कह कर छोड़ा ज़ा सकता है, लेकिन जो आज भी उसका महिमामंडन कर रहे हैं और उसकी मूर्ति राम-कृष्ण-शिव-दुर्गा के बगल में लगा रहे हैं, वे?

अरे, वो तो ठीक से चल भी नहीं पाता था, लाठी लेके चलता था। और आखिरकार वो किसी के मारे नहीं मरा....

मेरी भी प्रबल असहमतियाँ हैं उसके साथ। लेकिन क्या जिससे असहमत हो, उसे मार दोगे?